डॉक्टरों का खुलासा, इस कारण मधुमेह के शिकार हो रहे हैं बच्चे
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खानपान में आया बदलाव और शारीरिक क्रियाओं में कमी मधुमेह (डायबिटीज) का मुख्य कारण है। यदि समय रहते खाने-पीने के तरीकों और दिनचर्या में बदलाव नहीं किया तो वह दिन दूर नहीं, जब इस पहाड़ी प्रदेश में बड़ी संख्या में लोग इस बीमारी की चपेट में आ सकते हैं।
हिमाचल के नगरोटा बगवां में बाल मेले के दौरान मेडिकल कैंप में निशुल्क सेवाएं देने आए सर गंगाराम अस्पताल दिल्ली के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. कर्नल सुरेंद्र सिंह ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में यह बात कही।
कहा कि खुशहाली के कारण जीवन स्तर में आए बदलाव से लोगों का खानपान बदला है। शारीरिक एक्टीविटीज कम हो गई है। इसी कारण मधुमेह रोग पनपने लगा है। उन्होंने मधुमेह को एक मॉडर्न जनरेशन की बीमारी बताया। इसकी शुरुआत हिमाचल में भी हो चुकी है।
इन बच्चों को इस बीमारी का सबसे ज्यादा खतरा
जन्म के समय बच्चे के अधिक मोटे होने या फिर अंडरवेट होने से इस बीमारी का अधिक खतरा रहता है। उच्च रक्तचाप तथा बढ़े हुए कोलेस्ट्रोल, जंक फूड और चिंताग्रस्त रहना इस बीमारी के मुख्य कारण हैं। यह बीमारी शरीर के प्रमुख अंगों हृदय, गुर्दे और आंखों पर सीधा असर करती है।
इसकी रोकथाम के लिए आम जनमानस को जागरूक करना अति आवश्यक है। यह समय की जरूरत है कि जागरूकता को एक मिशन के रूप में अपनाया जाए। डॉ. सुरेंद्र सिंह का मानना है कि बच्चों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करने में विद्यालयों के मुखिया विशेष भूमिका निभा सकते हैं।