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Kangra News: टांडा मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने एंडोस्कोपिक डिस्क सर्जरी में मिली सफलता
Thu, 01 Feb 2024 06:35 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 01 Feb 2024 06:35 PM IST
सार
कॉलेज के प्राचार्य डा. भानु अवस्थी ने बताया कि चंबा के 50 वर्षीय व्यक्ति को स्लिप डिस्क की समस्या थी।
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डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा ने इतिहास रचा है। टांडा कॉलेज के चिकित्सकों ने पूर्ण एंडोस्कोपिक डिस्क सर्जरी में सफलता हासिल की है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. भानु अवस्थी ने बताया कि चंबा के 50 वर्षीय व्यक्ति को स्लिप डिस्क की समस्या थी। वह इलाज के लिए न्यूरोसर्जरी ओपीडी में पहुंचे। पिछले एक महीने से इस रोग से पीड़ित मरीज को चलने में कठिनाई हो रही थी। चिकित्सकों ने उन्हें सर्जरी की सलाह दी। उनकी पीठ पर सिंगल स्टिच के साथ पूर्ण एंडोस्कोपिक लेजर स्पाइन डिस्क रिमूवल सर्जरी की गई।
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न्यूरोसर्जन डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. भानु गुप्ता और डॉ. महेश की एनेस्थीसिया टीम ने इस प्रकिया को अंजाम दिया। सर्जरी में ओटी स्टाफ नर्स संदीप और मधु ने सहायता की। सर्जरी की उसी शाम उन्हें ठीक कर दिया गया और दो दिन बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। डॉ. भानु ने बताया कि टांडा में पहली बार यह थैरेपी शुरू की गई और हिमाचल में यह एकमात्र सुविधा है जहां इसे शुरू किया गया है। चिकित्सा की इस पद्धति की शुरुआत से निश्चित रूप से राज्य के लोगों को लाभ होगा और ऐसी स्थितियों से पीड़ित रोगियों को बाहरी राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
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क्या है यह सर्जरी
यह मिनिमली इनवेसिव स्पाइन (एमआईएस) सर्जरी का विकसित रूप है जहां मरीज को एक सेंटीमीटर से कम का छोटा चीरा लगाया जाता है और एंडोस्कोप डाला जाता है। इसमें उच्च परिशुद्धता और आवर्धन के तहत स्लिप डिस्क को हटा दिया जाता है। रक्तस्राव को नियंत्रित करने के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी जांच का उपयोग किया जाता है।
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