फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   doctors have to write medicine on slip in capital letters.

डॉक्टर बाबू अब पर्ची पर इस तरह लिखेंगे दवाई

Sun, 02 Aug 2015 11:04 AM IST
Updated Sun, 02 Aug 2015 11:04 AM IST
विज्ञापन
doctors have to write medicine on slip in capital letters.

अस्पतालों में डॉक्टरों को अब मरीज की पर्ची पर दवा का नाम कैपिटल लेटर्स में लिखना होगा। इसे सख्ती से लागू करने को भारत सरकार कानूनी प्रावधान करने जा रही है। यह व्यवस्था अभी कानूनन अनिवार्य नहीं थी। इसके लिए इंडियन मेडिकल काउंसिल रेगुलेशन में बदलाव किया जा रहा है। इसके बदलते ही हिमाचल सहित देश के तमाम राज्यों में नई व्यवस्था लागू हो जाएगी। पर्ची पर ब्रांडेड दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों के लिए यह बड़ा झटका होगा।

विज्ञापन


इससे जहां दवा कंपनियों से कमीशनखोरी पर रोक लगेगी, वहीं आम लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी। भारत सरकार में संयुक्त सचिव स्वास्थ्य शिक्षा अली रजा रिजवी ने इस संबंध में 28 जुलाई को एक पब्लिक नोटिस जारी किया है। इसमें आम लोगों से सुझाव और फीडबैक मांगा है। ये सुझाव 17 अगस्त से पहले ali.rizvi@nic.in ई-मेल आईडी पर भेजे जा सकेंगे। रिजवी इससे पहले प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव भी रह चुके हैं।

विज्ञापन

इंडियन मेडिकल काउंसिल रेगुलेशन में बदलाव की है तैयारी

doctors have to write medicine on slip in capital letters.

वर्तमान में डॉक्टर भारतीय मेडिकल काउंसिल (प्रोफेशनल कंडक्ट, एटीकेट एंड एथिक्स) रेगुलेशन 2002 की धारा 1.5 के यूज ऑफ जेनरिक नेम्स ऑफ ड्रग्स के तहत ऐसा करने के लिए बाध्य नहीं हैं। इसमें लिखा गया है कि अगर संभव हो तो डॉक्टर को किसी भी दवा का जेनरिक नाम ही प्रेस्क्राइब करना चाहिए। अब इसी धारा में बदलाव कर यह प्रावधान किया जा रहा है कि हर डॉक्टर दवाओं को जेनरिक नाम के साथ प्रिस्क्राइब करेगा। इसे स्पष्टता और अधिमान देकर कैपिटल लेटर्स में लिखना होगा।

डा. डीएस गुरंग, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, हिमाचल प्रदेश ने बताया कि अभी तक कानूनी तौर पर चिकित्सकों की जेनरिक दवाओं को कैपिटल लेटर्स में लिखने की कोई बाध्यता नहीं है। बावजूद इसके जनहित में राज्य स्वास्थ्य सेवाएं निदेशालय पहले से ही सभी अस्पतालों के चिकित्सकों को जेनरिक दवाएं लिखने और इनके नाम भी कैपिटल लेटर्स में लिखने को पत्राचार कर रहा है। अगर यह कानूनन जरूरी हो जाएगा तो यह अच्छा होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed