{"_id":"61c0bcf041071c6fe90d01b1","slug":"doctor-postpon-thier-strik-shimla-news-sml394112332","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईजीएमसी में रेजिडेंट डॉक्टरों ने रोक दी हड़ताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईजीएमसी में रेजिडेंट डॉक्टरों ने रोक दी हड़ताल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रबंधन से आश्वासन पर लिया फैसला, ऑनलाइन भरी जाएंगी 50 फीसदी पीजी सीटें
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में रेजिडेंट डॉक्टरों ने आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त कर दी। हालांकि सुबह साढ़े दस बजे के बाद डॉक्टरों के हड़ताल से लौटने के कारण अस्पताल में मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। मरीजों को अपनी बारी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. माधव वर्मा ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें कहा है कि पीजी की स्टेट कोटे की 50 फीसदी सीटें भरने की प्रक्रिया आज से शुरू कर दी है। आरडीए ने अस्पताल में बैठक के बाद सुबह साढ़े दस बजे हड़ताल का फैसला वापस लिया है।
अस्पताल में सुबह साढ़े 9 बजे के करीब रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने बैठक की। बैठक के दौरान मामले को लेकर उन्होंने प्रबंधन से बातचीत की। इसके बाद 10:30 बजे आरडीए कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह के दफ्तर पहुंची और उन्हें हड़ताल वापस लेने को लेकर ज्ञापन सौंपा। इसके करीब आधे घंटे बाद विभागों में काम के लिए डॉक्टर लौट आए। डॉक्टरों ने ओपीडी और ऑपरेशन थिएटर का काम संभालना शुरू किया। मेडिसिन और सर्जरी ओपीडी में वरिष्ठ डॉक्टरों ने काम संभाला।
विज्ञापन
देरी से काम शुरू होने के कारण दोपहर एक बजे तक मेडिसिन ओपीडी में करीब 50 मरीजों को ही उपचार मिला था। करसोग के लाभ सिंह ने बताया कि वह सुबह से ओपीडी के बाहर बैठे हैं लेकिन दोपहर बाद भी उनका नंबर नहीं लग पाया है। सरकाघाट की द्रोपदी ने बताया कि उनके पति का यूरोलॉजी में उपचार होना है लेकिन सबसे पहले पर्ची बनाने के बाद भी ओपीडी में उनका नंबर नहीं आ पाया है। ऑर्थो, आंखों और ईएनटी ओपीडी में कार्य सुचारु रूप से चलता रहा।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में रेजिडेंट डॉक्टरों ने आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त कर दी। हालांकि सुबह साढ़े दस बजे के बाद डॉक्टरों के हड़ताल से लौटने के कारण अस्पताल में मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। मरीजों को अपनी बारी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. माधव वर्मा ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें कहा है कि पीजी की स्टेट कोटे की 50 फीसदी सीटें भरने की प्रक्रिया आज से शुरू कर दी है। आरडीए ने अस्पताल में बैठक के बाद सुबह साढ़े दस बजे हड़ताल का फैसला वापस लिया है।
विज्ञापन
अस्पताल में सुबह साढ़े 9 बजे के करीब रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने बैठक की। बैठक के दौरान मामले को लेकर उन्होंने प्रबंधन से बातचीत की। इसके बाद 10:30 बजे आरडीए कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह के दफ्तर पहुंची और उन्हें हड़ताल वापस लेने को लेकर ज्ञापन सौंपा। इसके करीब आधे घंटे बाद विभागों में काम के लिए डॉक्टर लौट आए। डॉक्टरों ने ओपीडी और ऑपरेशन थिएटर का काम संभालना शुरू किया। मेडिसिन और सर्जरी ओपीडी में वरिष्ठ डॉक्टरों ने काम संभाला।
विज्ञापन
देरी से काम शुरू होने के कारण दोपहर एक बजे तक मेडिसिन ओपीडी में करीब 50 मरीजों को ही उपचार मिला था। करसोग के लाभ सिंह ने बताया कि वह सुबह से ओपीडी के बाहर बैठे हैं लेकिन दोपहर बाद भी उनका नंबर नहीं लग पाया है। सरकाघाट की द्रोपदी ने बताया कि उनके पति का यूरोलॉजी में उपचार होना है लेकिन सबसे पहले पर्ची बनाने के बाद भी ओपीडी में उनका नंबर नहीं आ पाया है। ऑर्थो, आंखों और ईएनटी ओपीडी में कार्य सुचारु रूप से चलता रहा।