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डॉ. मृदु ने बर्लिन में पंचकर्म की आवश्यकता पर पढ़ा शोध पत्र
Sat, 23 Mar 2019 05:35 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नादौन (हमीरपुर)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नादौन (हमीरपुर)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 23 Mar 2019 05:35 PM IST
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प्रदेश के हमीरपुर जिले की भड़ोली गांव निवासी डॉ. मृदु शर्मा ने जर्मनी की राजधानी बर्लिन में दसवीं अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा कॉन्फ्रेंस में भाग लेकर आधुनिक समय में पंचकर्म की आवश्यकता पर अपना शोध पढ़ा।
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डॉ. मृदु के पिता राजेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि उनकी बेटी को बर्लिन में इसी माह दसवीं अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा कॉन्फ्रेंस में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उनके लेख को कॉन्फ्रेंस सोविनियर में भी प्रकाशित किया गया।
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बर्लिन में आयोजित दसवीं अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा कॉन्फ्रेंस में भारत की ओर से डॉ. मृदु शर्मा के अतिरिक्त अर्जेंटीना, घाना, चीन, सऊदी अरब, कनाडा, स्विट्जरलैंड, नीदरलैंड के चिकित्साविदों ने भी विचार रखे। वर्तमान में डॉ. मृदु शर्मा उर्मिला देवी आयुर्वेदिक कॉलेज होशियारपुर में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। होशियारपुर आयुर्वेद एवं पंचकर्म सेंटर भी चलाती हैं।
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डॉ. मृदु के पिता राजेंद्र कुमार शर्मा उप निदेशक उद्यान विभाग से हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी माता प्रोमिला शर्मा प्रवक्ता पद पर शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। डॉ. मृदु ने दसवीं तक की शिक्षा डीएवी नादौन, 12वीं की पढ़ाई हिम अकादमी हमीरपुर, बीएएमएस मुक्तसर पंजाब और एमडी इस्लामपुर महाराष्ट्र से की है।