फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Dispute over unemployment allowance given to son of businessman

कारोबारी के बेटे को दे दिया बेरोजगारी भत्ता, विवाद हुआ तो वापस ले लिया चेक

Sun, 16 Apr 2017 04:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंबा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंबा Updated Sun, 16 Apr 2017 04:07 PM IST
विज्ञापन
Dispute over unemployment allowance given to son of businessman

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की ओर से चंबा में शुरू की गई बेरोजगारी भत्ता योजना विवादों में आ गई है। हिमाचल दिवस पर सीएम की ओर से 10 बेरोजगारों युवाओं को चेक जारी किए गए। इनमें से एक युवक के आय प्रमाण पत्र पर सवाल उठ गए हैं। बताया जा रहा है कि यह युवक शहर के एक कारोबारी का बेटा है।

विज्ञापन


आरोप है कि उनकी आय दो लाख से अधिक है। जैसे ही रोजगार कार्यालय को इसका पता चला तो युवक को जारी चेक वापस करने के निर्देश दिए गए। विभाग अब तर्क दे रहा है कि आय प्रमाणपत्र की जांच की जा रही है। जल्दबाजी में ऐसा हो सकता है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने जिन दस युवाओं को बेरोजगारी भत्ते के चेक वितरित किए हैं, उन सबका चयन रोजगार कार्यालय के माध्यम से ही किया गया था।

विज्ञापन

कैसे जारी हो गया आय का प्रमाणपत्र

Dispute over unemployment allowance given to son of businessman

पात्र बेरोजगारों के चयन के लिए दस जमा दो पास होना, परिवार की आय दो लाख से कम, उम्र 20 से 35 वर्ष के बीच और रोजगार कार्यालय में कम से कम एक साल पहले पंजीकृत होना आवश्यक था। इन तमाम शर्तों को पूरा करने के बाद ही बेरोजगार युवाओं को भत्ता मिलना था। लेकिन, शनिवार को मुख्यमंत्री के हाथों से पहले से रोजगार प्राप्त और सालाना दो लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित करने वालों का भी चयन हो गया।

बहरहाल बेरोजगारी भत्ते की शुरुआत के साथ ही कई सवाल खड़े हो गए हैं। जो लोग सार्वजनिक जगहों पर दुकानदारी चला रहे हैं। उन्हें कम आय का प्रमाणपत्र कैसे जारी हो गया। यदि प्रमाणपत्र जारी नहीं हुआ तो बेरोजगारी भत्ते की पहली किस्त में विभाग ने उनका नाम किस आधार पर शामिल कर लिया। 

बख्शे नहीं जाएंगे दोषी: कपूर

Dispute over unemployment allowance given to son of businessman

जिला रोजगार कार्यालय प्रभारी एसआर कपूर का कहना है कि हो सकता है जल्दबाजी में प्रमाणपत्र जांचने में गलती हुई हो। लेकिन, विभाग इस पूरे मामले की जांच करेगा और जो भी कर्मचारी इसके लिए दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने वाले युवक को भी चेक लौटाने के आदेश जारी कर दिए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed