विवादों में घिरी 1120 पटवारियों की भर्ती, रिजल्ट पर उठे सवाल
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हिमाचल में हाल ही में घोषित पटवारी भर्ती परीक्षा परिणाम पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि कोड चार में नियमों की अनदेखी की गई है। जब पटवारी भर्ती की नोटिफिकेशन जारी हुई थी तो उस समय एक्ससर्विसमैन के लिए कॉलम तो था।
लेकिन भूतपूर्व सैनिकों के बच्चों के लिए पटवारी भर्ती में कोई रिजर्व पोस्ट नहीं दर्शाई गई थी। लेकिन अब पटवारी भर्ती का परिणाम निकाला गया है। इसमें अंडर 25 के प्रार्थियों को पूर्व सैनिकों की श्रेणी में लिया गया है।
एक प्रार्थी ने आरटीआई के तहत इसकी सूचना विभाग के कार्यालय से मांगी है। इसमें यह खुलासा हुआ है। गांव किंजा, डाकघर पूईद जिला कुल्लू से संबंध रखने वाले अशोक कुमार ने कहा कि जिला कुल्लू में ही एक्ससर्विसमैन श्रेणी से कुछ ऐसे उम्मीदवारों को लिया गया है जिनकी आयु 20 और 22 साल है।
पूछा, 20 और 22 साल के उम्मीदवार कैसे भूतपूर्व सैनिक हो गए
उन्होंने पूछा कि 20 और 22 साल के उम्मीदवार कैसे भूतपूर्व सैनिक हो सकते हैं? ऐसा सिर्फ जिला कुल्लू में ही नहीं अन्य जिलों में भी हुआ है। ऐसे में यह नियुक्तियां नियमों के विपरीत हुई हैं। जब एक्ससर्विसमैन के बच्चों के लिए इसमें कोई कॉलम नहीं था तो 20 से 22 साल वाले अभ्यर्थियों का चयन कैसे किया गया।
इसकी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आरटीआई के माध्यम से विभाग से जानकारी मांगी गई है कि जिन अभ्यर्थियों का चयन कोर्ड नंबर-4 के तहत हुआ है। क्यों वे सभी एक्ससर्विस मैन हैं। इसके अलावा मामले की सही तरीके से छानबीन की जाए।
उधर, भू अभिलेख विभाग के निदेशक देेवा सिंह नेगी ने कहा कि पटवारी भर्ती अभी श्रेणियों का रिजल्ट है। उसमें चेकिंग की जा रही है। अगर इसमें कोई इसमें अपात्र पाया जाता है तो उसके स्थान पर पात्र अभ्यर्थियों को चयन किया जाएगा।
पटवारी परीक्षा परिणाम में धांधली की आशंका जताई
हाल ही में राजस्व विभाग की ओर से घोषित पटवारी परीक्षा परिणाम पर स्थानीय युवाओं ने धांधली की आशंका जताते हुए इसकी जांच की मांग की है। परागपुर के पटवारी की परीक्षा दे चुके सुकेश शर्मा, अनीश कुमारी, सूरज, रमण ने शंका जताते हुए कहा है कि जो परीक्षा परिणाम विभाग ने जारी किया है।
उसमें पहली ही सीरीज के यानी एक ही कमरे में बैठे 10 परीक्षार्थियों का पास होना जताता है कि कोई न कोई गड़बड़ी जरूर हुई होगी। उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) स्वयं उक्त मामले की पहली सीरीज की जांच करवाएं।
क्योंकि मामला सैकड़ों बेरोजगार युवाओं के भविष्य की है। उन्होंने कहा कि एक कमरे के ही लगातार 10 परीक्षार्थियों का पास होना किसी के भी गले उतर रहा है। कहा कि सरकार उक्त मामले की जांच राजस्व निदेशालय की बजाए किसी स्वतंत्र एजैंसी से करवाए।