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Disaster Safety Mock Drill: हिमाचल में 14 जून को सभी जिलों में आयोजित होगी आपदा सुरक्षा मॉकड्रिल

Fri, 07 Jun 2024 08:18 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Fri, 07 Jun 2024 08:18 PM IST
सार

14 जून को हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों में आपदा सुरक्षा मॉकड्रिल आयोजित होगी। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में जमीनी स्तर पर की गई तैयारियों का मूल्यांकन करना है। 

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Disaster safety mock drill will be organized in all districts of Himachal on June 14
मेगा मॉक एक्सरसाइज के संदर्भ में राज्य स्तरीय अभिविन्यास एवं समन्वय समिति की बैठक का आयोजन - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों में 14 जून को आपदा सुरक्षा मॉकड्रिल आयोजित होगी। मॉकड्रिल की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को राज्य आपदा प्रबंधन के निदेशक व विशेष सचिव डीसी राणा की अध्यक्षता में वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि और सभी जिलों के उपायुक्त शामिल हुए।

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राणा ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में 12 जून को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा टेबल टॉप अभ्यास किया जाएगा। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में जमीनी स्तर पर की गई तैयारियों का मूल्यांकन करना है। 14 जून को बाढ़, भूस्खलन, हिमस्खलन और औद्योगिक आपदा से निपटने के लिए सभी जिलों में मॉकड्रिल की जाएगी, जिसमें विशेषकर स्कूलों, महाविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में आपदा में फंसे छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने को लेकर अभ्यास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मॉकड्रिल के दौरान शैक्षणिक संस्थानों में राहत कैंप न बनाए जाए ताकि शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हों।
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उन्होंने कहा कि नदियों, झीलों और ग्लेशियर के क्षेत्र में रहने वाले लोगों को समय से पहले ही मॉकड्रिल को लेकर की जा रही तैयारी की जानकारी दी जाए ताकि मौके पर अभ्यास के दौरान लोगों में भय का माहौल न उत्पन्न हो। उन्होंने कहा कि मॉकड्रिल के लिए गैर सरकारी संगठनों के साथ भी समन्वय स्थापित कर कार्य योजना बनाई जाए।
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उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में भी बेहद संवेदनशील स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए। ऐसे स्थानों में त्रासदी से पूर्व घटना के संबंध में जानकारी मिले इसके लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। खतरनाक झीलों के किनारे रह रही आबादी के लिए विशेष कार्य योजना तैयार करने पर भी बल दिया जाए। आपात स्थिति में किसी भी त्रासदी की जानकारी मिलने पर मौके पर जमीनी स्तर पर अपनी कार्य योजना को भी लागू करने के लिए विकल्प रखें। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का नेतृत्व कर रहे सेवानिवृत्त मेजर जनरल सुधीर बहल ने आपदा से निपटने के लिए विशेष योजना के बारे में जानकारी दी।

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