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धर्मशाला: 7743 पौंग बांध प्रभावितों को 62 साल बाद भी नहीं मिली जमीन, बैठक में हुआ मंथन

Tue, 23 Jan 2024 08:20 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 23 Jan 2024 08:20 PM IST
सार

पौंग विस्थापितों के राहत और पुनर्वास के लिए आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कपूर ने कहा कि जिन पौंग विस्थापितों को अब तक राजस्थान में जमीन उपलब्ध नहीं करवाई गई है, उसका वन टाइम सेटलमेंट के जरिये हल निकालने का प्लान भी तैयार किया जाए।

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Dharamshala: 7743 Pong Dam affected people did not get land even after 62 years, brainstorming took place in t
Pong Dam - फोटो : संवाद

विस्तार

पौंग बांध के कारण प्रभावित हुए 7743 परिवारों को 62 साल बाद भी जमीन नहीं मिल पाई है। यह परिवार आज भी दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। इस बाबत मंगलवार को कांगड़ा से सांसद किशन कपूर की अध्यक्षता में उपायुक्त कार्यालय परिसर में बैठक हुई। पौंग विस्थापितों के राहत और पुनर्वास के लिए आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कपूर ने कहा कि जिन पौंग विस्थापितों को अब तक राजस्थान में जमीन उपलब्ध नहीं करवाई गई है, उसका वन टाइम सेटलमेंट के जरिये हल निकालने का प्लान भी तैयार किया जाए। पौंग विस्थापितों के लंबित मामलों को निपटाने के लिए बीबीएमबी प्रशासन को जल संसाधन मंत्रालय तथा विद्युत मंत्रालय के सचिवों के साथ संयुक्त बैठक करने के निर्देश दिए हैं।

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कपूर ने कहा कि पौंग डैम बनने से कांगड़ा जिला के विभिन्न उपमंडलों में 20722 परिवार प्रभावित हुए थे। इनमें से 16,352 को जमीन मुहैया करवाने की प्रक्रिया आरंभ की गई थी और राजस्थान में 8609 प्रभावित परिवारों को खेती योग्य जमीन उपलब्ध करवाई जा चुकी है। 7743 प्रभावित परिवारों को जमीन मुहैया करवाने के मामले अभी तक लंबित हैं। इन मामलों के त्वरित निपटारे के लिए उन्होंने उपयुक्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। सांसद ने कहा कि पौंग विस्थापितों के लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा करने के लिए प्रति माह राजस्थान के राजस्व अधिकारियों के साथ बैठकें की जाएं। आयुक्त राहत एवं पुनर्वास फतेहपुर की ओर तैयार किया गया रिकाॅर्ड भी राजस्थान सरकार को उपलब्ध करवाया जाए।
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उपायुक्त डाॅ. निपुण जिंदल ने कहा कि पौंग डैम प्रभावितों का राजस्व रिकाॅर्ड तैयार किया गया है और विस्थापितों के पुनर्वास को लेकर भी प्रशासन की ओर से कारगर कदम उठाए जा रहे हैं। पौंग डैम विस्थापितों की फाइल दुरुस्ती के लिए बंदोबस्त कार्यालय भेजी गई है।
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सिल्ट निकालें, सड़क बनाएं : होशियार
देहरा के विधायक होशियार सिंह ने कहा कि पौंग जलाशय में सिल्ट इत्यादि को निकालने के लिए उपयुक्त कदम उठाए जाएं। पौंग के साथ कई पंचायतों में भूस्खलन की समस्या भी उत्पन्न हुई है और बीबीएमबी प्रशासन को रिटेनिंग वाॅल लगाने के लिए कारगर कदम उठाने चाहिए। ऐतिहासिक कालेश्वर महादेव मंदिर के नजदीक भी सिल्ट के कारण काफी समस्या उत्पन्न हो रही है। बरसात के दौरान कालेश्वर मंदिर परिसर तक जलाशय का पानी आ जाता है। साथ ही जलाशय की परिधि में सड़क निर्माण का सुझाव भी दिया।


विस्थापितों का रिकाॅर्ड गूगल शीट पर
इससे पहले आयुक्त संजय धीमान ने कहा कि राजस्थान सरकार को ज्वाइंट मीटिंग के लिए लिखित तौर पर आग्रह किया गया है। पौंग विस्थापितों का रिकाॅर्ड गूगल शीट पर भी तैयार किया गया है। इसमें विस्थापितों को डिटेल में जानकारी प्राप्त हो सकती है। पौंग विस्थापितों के लिए हेल्पलाइन नंबर 01893-250945, मोबाइल नंबर 98052-26122 तथा 94184-68365 भी जारी किए गए हैं।

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