अच्छी खबर! अब इन्हें भी बनाया जाएगा स्मार्ट सिटी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल में दो स्मार्ट सिटी बनाने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार मंडी जिले के सुंदरनगर और कांगड़ा के धर्मशाला को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए फंड देने पर राजी हो गई है। खास बात यह है कि ये दोनों शहर मोदी की देश की 100 स्मार्ट सिटी की सूची से अलग है। उनमें शिमला शहर को चुना गया है।
वीरवार को केंद्रीय वित्त मंत्रालय की निदेशक अभिलाषा महापात्र ने सूबे के शहरी विकास विभाग के निदेशक जेएम पठानिया के साथ हुई बैठक में इस पर मुहर लगाई। अब प्रदेश सरकार को डीपीआर बनाने को कहा गया है।
मोदी की ड्रीम सिटी की तर्ज पर ही हिमाचल सरकार ने राज्य के नौ शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने का फैसला लिया था। इसी कड़ी में दो शहरों को वित्तीय मदद करने के लिए केंद्र सरकार ने हामी भर दी है।
बैठक से लौटे जेएम पठानिया ने बताया कि सुंदरनगर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के बाद मंडी, कुल्लू, मनाली, रिवालसर और धर्मशाला से पालमपुर, ज्वालाजी, नगरोटा बगवां और कांगड़ा को जोड़ा जाएगा।
ये सुविधाएं दी जाएंगी
इन शहरों में मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट का निर्माण होगा। सड़कों को चौड़ा किया जाएगा। कॉलोनियों को पानी, सड़कें और एलईडी लाइटों की सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। जेएम पठानिया ने बताया कि स्मार्ट सिटी का निर्माण पीपीपी मोड से होगा। डीपीआर तैयार करने के लिए सरकार खुद कस्लटेंट नियुक्त करेगी। इसका खर्चा भी केंद्र उठाएगा।
-स्मार्ट शहरों की सड़कें होंगी चौड़ी
-पानी और बिजली की व्यवस्था होगी सुदृढ़
-कॉलोनियों में होगा शौचालय का निर्माण
-शहर स्वच्छ बनाने को कूड़ा संयंत्र बनेंगे
-लिफ्ट और एस्केलेटर की होगी सुविधा
-परिवहन सेवाएं की जाएंगी बेहतर