फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   DGP sanjay Kundu said - DNA test of unknown dead bodies will be handed over to relatives

Bilaspur News: डीजीपी कुंडू बोले-अज्ञात शवों का डीएनए टेस्ट करवा सौंपेंगे परिजनों को

Fri, 21 Jul 2023 10:59 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Published by: Krishan Singh Updated Fri, 21 Jul 2023 10:59 PM IST
सार

पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने कहा कि जल प्रलय जैसी प्राकृतिक आपदा में नदी-नालों में बहे शव कई दिनों बाद बाहर निकलकर किनारे पर आ जाते हैं। इसे देखते हुए आईआरबी कमांडेंट बस्सी को भाखड़ा बांध से ऊपर तत्तापानी तक सतलुज और गोबिंद सागर झील के किनारों पर टीम के साथ पैनी निगाह बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। 

विज्ञापन
DGP sanjay Kundu said - DNA test of unknown dead bodies will be handed over to relatives
पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू - फोटो : संवाद

विस्तार

 हिमाचल प्रदेश में जल प्रलय से हुई तबाही के बाद बरामद हो रहे अज्ञात शवों का हिमाचल पुलिस डीएनए टेस्ट करवा रही है। बाद में डीएनए की पुष्टि होने पर इन अज्ञात शवों को संपर्क करने वाले उनके नाते-रिश्तेदारों को सौंप दिया जाएगा। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने बिलासपुर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जल प्रलय जैसी प्राकृतिक आपदा में नदी-नालों में बहे शव कई दिनों बाद बाहर निकलकर किनारे पर आ जाते हैं। इसे देखते हुए आईआरबी कमांडेंट बस्सी को भाखड़ा बांध से ऊपर तत्तापानी तक सतलुज और गोबिंद सागर झील के किनारों पर टीम के साथ पैनी निगाह बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। 

विज्ञापन


शव दिखाई देने पर तत्काल कब्जे में लेकर उसकी पहचान और अन्य जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि आपदा के बाद अपनों की तलाश में भटक रहे लोग पुलिस से संपर्क कर सकते हैं। प्रदेश पुलिस ने आपदा में राहत व बचाव अभियान में बेहतर कार्य किया है। आपदा भले ही मंडी और कुल्लू में आई लेकिन बिलासपुर पुलिस ने भी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकलने में सराहनीय कार्य किया है। बिलासपुर में आपदा से एक मौत हुई है। मिसिंग कोई नहीं है।
विज्ञापन


एम्स में 15 अगस्त से शुरू होगी पुलिस चौकी
डीजीपी ने कहा कि वीरवार तक प्रदेश में लगभग 70 हजार के करीब लोग रेस्क्यू किए जा चुके हैं। सुरक्षित निकाले गए लोगों में ज्यादातर सैलानी थे। 12 हजार के करीब गाड़ियां भी निकाली गईं हैं। 29 देशों के 697 विदेशी पर्यटक भी रेस्क्यू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि एम्स में पुलिस चौकी भी 15 अगस्त से ही शुरू कर दी जाएगी। किरतपुर-मनाली हाईवे पर ट्रैफिक कम पर्यटक पुलिस थाना बिलासपुर में स्वीकृत किया गया है। 15 अगस्त से इसे शुरू किया जाएगा। जुलाई के महीने से इसके लिए फोर्स मुहैया करवाएंगे। शुरू में यह सदर थाना बिलासपुर से चलेगा। बाद में किराये के भवन में शिफ्ट किया जाएगा। साथ ही भवन निर्माण की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी। पर्यटक पुलिस थाना के लिए भूमि भी पुलिस विभाग ने चिह्नित कर दी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


फोरलेन पर तय रफ्तार पर ही दौड़ेंगे वाहन
उन्होंने किरतपुर-मनाली हाईवे पर घूमते लावारिस पशुओं की समस्या को हादसों के मद्देनजर गंभीर बताया। पिछले छह साल में 74 सड़क हादसे इन पशुओं के कारण हुए हैं, जिसमें 25 लोगों की जान गई है। उन्होंने कहा कि सरकार और पशुपालन विभाग के साथ इस मुद्दे पर बात की जाएगी। इस मुद्दे को पहले भी उठाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने फोरलेन पर स्पीड लिमिट तय कर दी है। फोरलेन की तय लिमिट पर ही वाहन चलेंगे।

प्रवर्तन निदेशालय को भेजी गई प्रदेश के 10 माफिया की फाइल

DGP sanjay Kundu said - DNA test of unknown dead bodies will be handed over to relatives
पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने पत्रकारों को संबोधित किया। - फोटो : संवाद

 नशे के खिलाफ पुलिस की मुहिम में अब बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू के अनुसार एनडीपीएस के बड़े मामलों में पुलिस छानबीन कर मुख्य माफिया तक पहुंचने में कामयाब रही है। ऐसे 10 मामले पुलिस ने वित्तीय जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय को भेजे हैं। इन मामलों में चिह्नित बड़े 10 माफिया की कुल संपत्ति 13.50 करोड़ की है।

डीजीपी कुंडू ने कहा कि इस बात की भी जांच होगी कि इस संपत्ति को माफिया ने किस माध्यम से बनाया है। अगर यह नशा बेचकर ही बनी है तो इसे जब्त करने की भी सिफारिश की है। उन्होंने बताया कि पठानकोट बॉर्डर से सबसे ज्यादा नशा हिमाचल प्रदेश में पहुंचता था। 

इसके लिए ही विशेष तौर पर नूरपुर में थाना बनाया गया, ताकि नशे को बॉर्डर पर रोका जा सके। कहा कि नशा माफिया को एकदम खत्म करना संभव नहीं है, लेकिन मुश्किल भी नहीं है। इसके लिए प्रदेश पुलिस का कार्य सराहनीय है। कुंडू ने प्रदेश की फार्मा कंपनियों में चिट्टा और अन्य मादक पदार्थ बनने के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट में कार्रवाई करने के लिए ड्रग कंट्रोलर को ही शक्तियां हैं।

फार्मेसी कंपनियां क्या बना रहीं हैं, इसकी पुलिस सीधे तौर पर छानबीन नहीं कर सकती है। इसके लिए पुलिस को ड्रग कंट्रोलर साथ में ले जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अच्छी बात है कि हमने सरकार से आग्रह कर ड्रग कंट्रोलर प्रतिनियुक्ति पर लिया है। आज के दिन में जितनी भी ड्रग फैक्टरी हैं उनका निरीक्षण हो रहा है। ट्रामाडोल समेत कई अवैध दवाइयों को जब्त किया है। इस गैर कानूनी धंधे से जो अवैध संपत्ति बनी है उसे भी सीज करने की प्रक्रिया जारी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed