शक्तिपीठ ज्वालामुखी: गुप्त नवरात्र पर 18 हजार श्रद्धालुओं ने किए दिव्य ज्योतियों के दर्शन
गुप्त नवरात्रों में मां ज्वाला के मूल मंत्र, बटुक भैरव, गणपति, गायत्री और दुर्गा सप्तशती तथा अन्य जप और पाठ किए जाएंगे।
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विश्वविख्यात ज्वालामुखी मंदिर में रविवार को रिमझिम बारिश की फुहारों के साथ आषाढ़ माह के गुप्त नवरात्र का आगाज हुआ। पहले दिन करीब 18 हजार श्रद्धालुओं ने मां ज्वालाजी की पवित्र ज्योतियों के दर्शन किए। गुप्त नवरात्र 11 से 18 जुलाई तक चलेंगे। रविवार गुप्त नवरात्र का विधिवत आरंभ मंदिर अधिकारी निर्मल सिंह, आचार्य मंदिर न्यास सदस्य पुजारी मधुसूदन शर्मा, न्यास सदस्य पुजारी प्रशांत शर्मा, सौरभ शर्मा ने विधिवत पूजा-अर्चना से किया।
इसके साथ ही पुजारी वर्ग और विद्वान पंडितों को माता के जप-पाठ का विधिवत संकल्प भी दिलवाया गया। इस उपलक्ष्य पर लगातार आठ दिन पुजारी वर्ग लाखों की संख्या में विश्व कल्याण और वैश्विक महामारी कोरोना के नाश के लिए सामाजिक दूरी के नियम के तहत जप, पूजा और पाठ करेंगे। गुप्त नवरात्रों में मां ज्वाला के मूल मंत्र, बटुक भैरव, गणपति, गायत्री और दुर्गा सप्तशती तथा अन्य जप और पाठ किए जाएंगे।
मंदिर न्यास और पुजारी महासभा ने प्राचीन परंपराओं को बरकरार रखा है। मंदिर अधिकारी निर्मल सिंह ने बताया कि परंपरा के अनुसार गुप्त नवरात्रों में पूजा, जप और पाठ विश्व कल्याण और वैश्विक महामारी के नाश के लिए किया जाएगा। सरकार के दिशा निर्देशों के तहत ही सभी कार्य संपन्न होंगे। पुजारी महासभा प्रधान पुजारी अविनेंद्र शर्मा ने बताया कि आषाढ़ मास के गुप्त नवरात्र प्राचीन परंपराओं को निभाते हुए शुरू हो गए हैं।
17 जुलाई को मां ज्वाला का प्रकटोत्सव मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म में नवरात्र मां दुर्गा की साधना के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। नवरात्र के दौरान साधक विभिन्न तंत्र विद्याएं सीखने के लिए मां भगवती की विशेष पूजा करते हैं। तंत्र साधना आदि के लिए गुप्त नवरात्र बेहद विशेष माने जाते हैं। आषाढ़ और माघ मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली नवरात्र को गुप्त नवरात्र कहा जाता है।
हिमाचल की शक्तिपीठों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
हिमाचल प्रदेश की शक्तिपीठों में रविवार को हजारों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंचे। छिन्नमस्तिका धाम चिंतपूर्णी में रविवार शाम तक करीब 25 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। इसके अलावा श्री नयनादेवी जी के दरबार में शाम पांच बजे तक करीब 22 हजार श्रद्धालुओं ने हाजिरी भरी। बज्रेश्वरी देवी में 1700 श्रद्धालुओं ने माथा टेका। रविवार को आषाढ़ मास के गुप्त नवरात्रों का आगाज हुआ। गुप्त नवरात्र 11 जुलाई से 18 जुलाई तक चलेंगे।
चिंतपूर्णी मंदिर में रविवार सुबह 5 बजे मंदिर खुलने के साथ ही भक्तों की कतारें लग गईं। लाइनें दोपहर 11 बजे तक लुधियाना सराय तक पहुंच गई। बढ़ती भीड़ देखकर मंदिर प्रशासन ने तीनों काउंटर पर आधे घंटे के लिए दर्शन पर्ची बंद कर दी। मंदिर अधिकारी अभिषेक भास्कर ने कहा कि रविवार को भीड़ बहुत ज्यादा रही। मंदिर प्रशासन ने बेहतर प्रबंध किए थे।
जब भीड़ बढ़ रही थी तो उस दौरान पर्ची काउंटर बंद कर दिया जा रहा था। शनिवार को 13 हजार श्रद्धालु, जबकि रविवार को शाम तक करीब 25 हजार श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। उधर, हमीरपुर के बाबा बालकनाथ मंदिर दियोटसिद्ध में रविवार को 10 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।