ऊना: आशापुरी बैरियर में श्रद्धालुओं का हंगामा, पांच घंटे तक रोके वाहन
चिंतपूर्णी में श्रावण अष्टमी मेले के लिए आशापुरी बैरियर से होते हुए सबसे अधिक श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन बैरियर में श्रद्धालुओं के सैलाब उमड़ने से व्यवस्था चरमरा रही है और माहौल भी बिगड़ रहा है। इसे संभालना चुनौतीपूर्ण हो रहा है।
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श्रावण अष्टमी मेले के लिए बिना कोविड निगेटिव और डबल वैक्सीन रिपोर्ट के श्रद्धालुओं को रोकने पर गगरेट के आशापुरी बैरियर पर सोमवार रात श्रद्धालुओं ने खूब हंगामा किया। गुस्साए श्रद्धालु सोमवार रात को बिना रिपोर्ट आगे भेजने की मांग पर अड़े रहे और नारेबाजी करते रहे। श्रद्धालुओं ने सीमा पर हिमाचल से पंजाब जाने वाले वाहनों को भी रोका गया। रात दो बजे से हंगामा सुबह तक जारी रहा। सुबह सात बजे पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर यातायात बहाल किया।
चिंतपूर्णी में श्रावण अष्टमी मेले के लिए आशापुरी बैरियर से होते हुए सबसे अधिक श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन बैरियर में श्रद्धालुओं के सैलाब उमड़ने से व्यवस्था चरमरा रही है और माहौल भी बिगड़ रहा है। इसे संभालना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। अधिक पुलिस बल तैनात करने के बावजूद स्थिति काबू में नहीं आ रही है। सोमवार रात को माहौल बिगड़ते देख खुद एसपी अर्जित सेन ठाकुर ने बैरियर का दौरा किया। आशापुरी बैरियर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, लेकिन अधिकतर के पास रिपोर्ट न होने पर वापस भेजा जा रहा है।
इसी को लेकर श्रद्धालु रात को भड़क गए और बैरियर पर भी यातायात बाधित करने का प्रयास लेकिन पुलिस मुस्तैद रही। इसके बाद श्रद्धालुओं ने पंजाब सीमा में जाकर हिमाचल से पंजाब जाने वाले वाहनों को रोक दिया। रात दो बजे के बाद बसों और वाहनों में ही यात्रियों ने रात गुजारी। बाद में सुबह सात बजे कड़ी मशक्कत कर पंजाब प्रशासन के सहयोग के साथ यातायात बहाल करवाया। गौरतलब है कि श्रद्धालु सही समय पर कोविड निगेटिव रिपोर्ट और डबल वैक्सीन डोज की अनिवार्यता की पूर्व जानकारी न देने का आरोप लगा रहे हैं।
जबकि, मौके पर आ रहे अधिकतर श्रद्धालु सिंगल डोज वैक्सीन वाले पहुंच रहे हैं। इन्हें भी वापस भेजा जा रहा है। मंगलवार को दिनभर आशापुरी बैरियर में माहौल शांत रहा और शांतिपूर्ण तरीके के साथ रिपोर्ट वाले श्रद्धालु चिंतपूर्णी के लिए भेजे गए। वहीं, डीएसपी हरोली अनिल मेहता ने बताया कि आशापुरी बैरियर पर पुलिस मुस्तैद है और नियमों के अनुसार ही श्रद्धालुओं को हिमाचल सीमा में प्रवेश करने दिया जा रहा है। वहीं, डीसी राघव शर्मा ने कहा कि श्रद्धालुओं ने रोष जताया है। बॉर्डर में पेश आए मामले को पंजाब प्रशासन के साथ मिलकर सुलझाया गया है।
शक्तिपीठों पर शीश नवाने पहुंचे 35 हजार से अधिक श्रद्धालु
श्रावण अष्टमी मेले को लेकर हिमाचल प्रदेश की शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। विख्यात शक्तिपीठ चिंतपूर्णी, ज्वालाजी, चामुंडा, बज्रेश्वरी और नयना देवी में 35 हजार 536 श्रद्धालुओं ने मंगलवार को शीश नवाया। विश्व विख्यात शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर में दूसरे नवरात्र पर छह हजार श्रद्धालुओं ने अखंड ज्योतियों के दर्शन किए वहीं, लगभग एक हजार श्रद्धालु बिना दर्शन किए लौटे।
वहीं, मां बज्रेश्वरी देवी मंदिर में एक हजार यात्रियों ने देवी के दर्शन किए। श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में 2000 श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। वहीं, 200 श्रद्धालुओं को बिना दर्शन के भी वापस भेजा गया। उधर, शक्तिपीठ नयनादेवी में मंगलवार को 22 हजार 36 श्रद्धालुओं ने माथा टेका। कोई भी श्रद्धालु वापस नहीं भेजा गया। वहीं, चिंतपूर्णी में 4500 भक्तों ने मां के चरणों में शीश नवाया।