देवभूमि क्षत्रिय संगठन का प्रदर्शन: शिमला में बसें न चलने से कई किमी पैदल चले लोग और विद्यार्थी
देवभूमि क्षत्रिय संगठन और देवभूमि स्वर्ण समाज मोर्चा के आंदोलन से सुबह करीब साढ़े दस से लेकर दोपहर तीन बजे तक शहर के लोग परेशान रहे। लोग अपने गंतव्यों तक पैदल पहुंचे। वहीं परीक्षा देने जा रहे विद्यार्थियों को भी परेशानी झेलनी पड़ी।
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में देवभूमि क्षत्रिय संगठन और देवभूमि स्वर्ण समाज मोर्चा के आंदोलन से सुबह करीब साढ़े दस से लेकर दोपहर तीन बजे तक शहर के लोग परेशान रहे। दोनों संगठनों ने सुबह टुटीकंडी क्रॉसिंग पर धरना शुरू कर दिया। इससे वाहनों की आवाजाही बंद होने से लोअर हिमाचल और घणाहट्टी, टुटू, बालुगंज तथा समरहिल से आ रहे लोगों को पैदल ही अपने गंतव्यों की ओर जाना पड़ा। सवा दस बजे तक बालुगंज की ओर से लोकल रूट की बसें ओल्ड बस स्टैंड तक आईं। 10:30 बजे विक्ट्री टनल के पास हल्का ट्रैफिक जाम लगना शुरू हुआ और बालूगंज, घणाहट्टी, सोलन की ओर से बसों की आवाजाही रोक दी गई। 10:57 बजे विधानसभा के पास मुख्य सड़क से दो छात्राएं मोनिका और साक्षी पैदल जा रही थीं। छात्राओं ने बताया कि जाखू में कंप्यूटर क्लास लगाकर आईं लेकिन अब बसें नहीं मिल रहीं। अब घणाहट्टी तक पैदल जाना पड़ेगा। शिमला से घणाहट्टी की दूरी 13 किमी है। बालूगंज की ओर से सुरेश ठाकुर पत्नी के साथ तवी से शिमला की ओर पैदल आ रहे हैं।
पैदल चलकर परीक्षा देने पहुंचे छात्र
प्रदर्शन के चलते राजधानी में बुधवार को सैकड़ों विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रदेश विश्वविद्यालय में पीजी की परीक्षा देने के लिए न्यू शिमला से कई छात्रों को पैदल ही बस स्टैंड और फिर समरहिल तक जाना पड़ा। खलीनी, बीसीएस, विकासनगर से भी कई छात्र पैदल ही 10 किलोमीटर का सफर तय कर विवि पहुंचे। प्रदर्शन के चलते बसें कम चलीं। बस स्टैंड से पंथाघाटी, संजौली और न्यू शिमला क्षेत्र के लिए दिन के समय कम बसों का संचालन हुआ। प्रदर्शन खत्म होने के बावजूद शाम के समय भी शहर में बसों की कमी रही। हर बसस्टॉपेज पर स्कूली छात्रों और आम लोगों का बस के इंतजार के लिए जमघट लगा रहा।