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अवैध कटान मामले में डिप्टी रेंजर और गार्ड चार्जशीट
Thu, 17 Sep 2020 12:27 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 17 Sep 2020 12:27 PM IST
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निलंबित-सांकेतिक
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल के उपमंडल बड़सर के वन खंड बिझड़ी के तहत वन बीट पैरवीं के खारल जंगल से खैर कटान मामले में वन विभाग ने डिप्टी रेंजर और फॉरेस्ट गार्ड को चार्जशीट कर दिया है। विभागीय कमेटी की प्रारंभिक जांच में दोनों कर्मचारी दोषी पाए गए हैं। दोनों को वन क्षेत्र ऊना स्थानांतरण कर दिया गया। कोरोना के चलते लॉकडाउन में बीते मार्च में इस वन बीट में 48 खैर के पेड़ काटे गए थे।
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स्थानीय लोगों ने विभाग को इसकी शिकायत दी। जांच में कटे खैर के पेड़ तो नहीं मिले, लेकिन विभागीय जांच में पेड़ों के सरकारी भूमि से काटे जाने की पुष्टि जरूर र्हुई थी। इसके बाद विभागीय जांच के लिए कमेटी का गठन हुआ। प्रारंभिक जांच में डिप्टी रेंजर और फॉरेस्ट गार्ड की लापरवाही सामने आने पर इन्हें चार्जशीट कर दोनों को ऊना जिले में तैनात कर दिया गया।
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डीएफओ हमीरपुर एलसी वंदना ने बताया कि जांच में कर्मचारियों की कोताही सामने आई है और अपनी वन बीट में पेड़ कटान की जानकारी या शिकायत समय पर पुलिस और विभाग को नहीं दी। इसके चलते एक डिप्टी रेंजर और फॉरेस्ट गार्ड पर आरोप पत्र दाखिल किया गया है। मामले में विभागीय जांच चल रही है। बता दें कि मार्च में कटान होने के बाद जुलाई में इसकी शिकायत विभाग को मिली थी।
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प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने पर विभाग के डिप्टी रेंजर और फॉरेस्ट गार्ड को अगस्त में कारण बताओ नोटिस जारी किए थे, लेकिन दोनों ने कोई जवाब नहीं दिया। वही सितंबर में चीफ कंजरवेटर की अध्यक्षता में जांच के लिए गठित कमेटी ने प्रारंभिक जांच के आधार पर दोनों को चार्जशीट कर ऊना जिला के लिए तबादला कर दिया है।