{"_id":"634d8adc1d802c1ec769495a","slug":"dependency-in-foreign-countries-is-over-now-anti-hail-gun-will-be-made-in-the-country-itself","type":"story","status":"publish","title_hn":"Anti Hail Gun: विदेशों पर निर्भरता खत्म, अब देश में ही बनेगी एंटी हेलगन, शिमला में ट्रायल सफल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Anti Hail Gun: विदेशों पर निर्भरता खत्म, अब देश में ही बनेगी एंटी हेलगन, शिमला में ट्रायल सफल
Tue, 18 Oct 2022 10:40 AM IST
Krishan Singh
विश्वास भारद्वाज, शिमला
विश्वास भारद्वाज, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 18 Oct 2022 10:40 AM IST
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
सार
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
एंटी हेलगन(फाइल)
- फोटो :
अमर उजाला
विस्तार
शिमला जिले के अलावा प्रदेशभर के किसानों और बागवानों को अपनी फसलें ओलावृष्टि से बचाने के लिए सस्ती स्वदेशी एंटी हेलगन आसानी से मिल सकेंगी। आईआईटी मुंबई के शोधकर्ता स्टार्ट अप के तौर पर स्वदेशी एंटी हेलगन का उत्पादन करेंगे। आईआईटी मुंबई के डिपार्टमेंट ऑफ एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की ओर से शिमला जिले के मंढोल में स्थापित पहली स्वदेशी एंटी हेलगन का ट्रायल सफल रहने के बाद आईआईटी मुंबई के शोधकर्ताओं ने आईआईटी मंडी के सहयोग से प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयार कर ली है। खास बात यह है कि विदेशों से आयात होने वाली एंटी हेलगन की कीमत करीब एक करोड़ रुपये है जबकि स्वदेशी एंटी हेलगन 20 से 25 लाख रुपये में उपलब्ध होगी।
इतना ही नहीं विदेशी एंटी हेलगन चलाने के लिए एसिटिलीन गैस इस्तेमाल हो रही है जबकि स्वदेशी एंटी हेलगन एलपीजी से संचालित होती है जिसके चलते इसका संचालन भी सस्ता है। स्वदेशी एंटी हेलगन तैयार करने वाली आईआईटी मुंबई के डिपार्टमेंट ऑफ एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की टीम में बतौर शोधकर्ता शामिल रहे जिले के नावर टिक्कर के रहने वाले इंजीनियर शुभम चौहान ने बताया कि आईआईटी मुंबई के शोधकर्ताओं ने डीन रिसर्च की अनुमति से स्टार्ट अप तैयार किया है। सेब उत्पादक संगठन स्वदेशी एंटी हेलगन लगाने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि अगले साल सेब सीजन से पहले एक से दो स्वदेशी एंटी हेलगन स्थापित कर ली जाए।
आईआईटी मुंबई के डीन रिर्सच की अनुमति से स्टार्ट अप स्थापित
आईआईटी मुंबई के डिपार्टमेंट ऑफ एयरोस्पेस इंजीनियरिंग ने संस्थान के डीन रिर्सच की अनुमति से स्टार्ट अप स्थापित किया है। शिमला के मंढोल में स्थापित पहली स्वदेशी एंटी हेलगन का ट्रायल सफल रहने के बाद बागवान संगठनों के आग्रह पर अब स्टार्ट अप के माध्यम से स्वदेशी एंटी हेलगन तैयार कर उपलब्ध करवाई जाएंगी।-प्रो. सुदर्शन कुमार, इंस्टीट्यूट चीफ, एचओडी डिपार्टमेंट ऑफ एयरोस्पेस इंजीनियरिंग आईआईटी मुंबई