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लिपकीय वर्ग के कोर्ट से छेड़छाड़ की तो होगा आंदोलन : महासंघ
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पटवारी कानूनगो संघ के पक्ष में बलवान कमेटी की रिपोर्ट का जताया विरोध संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश उपायुक्त कार्यालय कर्मचारी महासंघ ने लिपिकीय वर्ग के नायब तहसीलदार के कोटे को सुरक्षित रखने की सरकार से मांग की है। बलवान कमेटी की ओर से पटवारी कानूनगो संघ के पक्ष में सौंपी रिपोर्ट का विरोध किया।
महासंघ के अध्यक्ष लोकेंद्र चौहान, कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण कुमार मेहता, महासचिव सुदेश तोमर ने बताया कि बलवान कमेटी द्वारा पटवारी कानूनगो संघ के मांगपत्र पर सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट में मिनिस्ट्रियल स्टाफ के लिए निर्धारित 20 प्रतिशत कोटे को समाप्त कर पटवारी कानूनगो के लिए निर्धारित 60 प्रतिशत कोटे को बढ़ाकर 80 प्रतिशत करने की सिफारिश की गई है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि पटवारी कानूनगो संघ के पक्ष में बलवान कमेटी द्वारा सौपी गई रिपोर्ट पर निर्णय लेने से पूर्व लिपिकीय वर्ग द्वारा सरकार को सौंप गए मांगपत्र पर विचार करके लिपिकीय वर्ग के हक को कायम रखते हुए आगामी निर्णय लिया जाए। महासंघ सरकार के संज्ञान में लाना चाहता है कि निर्धारित कोटे के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की जाती है तो महासंघ पूरे प्रदेश में इसका विरोध करेगा तथा आवश्यकता पड़ी तो इसके विरुद्ध आंदोलन किया जाएगा।
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शिमला। हिमाचल प्रदेश उपायुक्त कार्यालय कर्मचारी महासंघ ने लिपिकीय वर्ग के नायब तहसीलदार के कोटे को सुरक्षित रखने की सरकार से मांग की है। बलवान कमेटी की ओर से पटवारी कानूनगो संघ के पक्ष में सौंपी रिपोर्ट का विरोध किया।
महासंघ के अध्यक्ष लोकेंद्र चौहान, कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण कुमार मेहता, महासचिव सुदेश तोमर ने बताया कि बलवान कमेटी द्वारा पटवारी कानूनगो संघ के मांगपत्र पर सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट में मिनिस्ट्रियल स्टाफ के लिए निर्धारित 20 प्रतिशत कोटे को समाप्त कर पटवारी कानूनगो के लिए निर्धारित 60 प्रतिशत कोटे को बढ़ाकर 80 प्रतिशत करने की सिफारिश की गई है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि पटवारी कानूनगो संघ के पक्ष में बलवान कमेटी द्वारा सौपी गई रिपोर्ट पर निर्णय लेने से पूर्व लिपिकीय वर्ग द्वारा सरकार को सौंप गए मांगपत्र पर विचार करके लिपिकीय वर्ग के हक को कायम रखते हुए आगामी निर्णय लिया जाए। महासंघ सरकार के संज्ञान में लाना चाहता है कि निर्धारित कोटे के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की जाती है तो महासंघ पूरे प्रदेश में इसका विरोध करेगा तथा आवश्यकता पड़ी तो इसके विरुद्ध आंदोलन किया जाएगा।
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