तकनीकी शिक्षा का घटा रुझान, बंद हो रहे पॉलीटेक्निक कॉलेज
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हिमाचल के युवाओं में तकनीकी शिक्षा का रुझान कम हो रहा है। केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया सहित तकनीक के क्षेत्र में चलाई जा रही तमाम योजनाओं की जागरूकता का हिमाचल के युवाओं में कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।
प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं का रुझान बढ़ने की बजाय कम होता जा रहा है। इस साल दो अन्य निजी पॉलीटेक्निक कॉलेजों ने तकनीकी शिक्षा बोर्ड को क्लोजर फाइल भेज दी है।
अब प्रदेश में 16 पॉलीटेक्निक कॉलेज रह गए हैं। सरकारी क्षेत्र में 15 पॉलीटेकिभनक कॉलेज संचालित किए जा रहे हैं। प्रदेश में 15 सरकारी पॉलीटेक्निक कॉलेजों सहित दो दर्जन तक निजी क्षेत्र में पॉलीटेक्निक कॉलेज की संख्या पहुंच गई थी।
आधा दर्जन कॉलेज हो चुके हैं बंद
पॉलीटेक्निक में युवाओं के कम होते रुझान की वजह से अब एक के बाद एक पॉलीटेक्निक कॉलेज बंद होने लगे हैं। उधर, तकनीकी शिक्षा बोर्ड सचिव सुनील कुमार ने बताया कि प्रदेश में निजी क्षेत्र में संचालित किए जा रहे दो पॉलीटेक्निक कॉलेज प्रबंधकों ने उन्हें क्लोजर फाइल सौंपी है।
इसमें उन्होंने अगले सत्र से पॉलीटेक्निक कॉलेज बंद करने की बात कही है।प्रदेशभर में निजी क्षेत्र में चल रहे आधा दर्जन से अधिक कॉलेज पिछले दो सालों में बंद हुए हैं। वहीं प्रदेश भर में करीब एक दर्जन पॉलीटेक्निककॉलेज ऐसे हैं, जहां पर विभिन्न ट्रेड में सीटें ही नहीं भर रही हैं।
साल दर साल कम होता रुझान
प्रदेश में पॉलीटेक्निक में साल 2013 के बाद युवाओं का रुझान कम होना शुरू हुआ है। इसी का नतीजा है कि 2013 में पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा के लिए हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड के पास 15 हजार आवेदन आए थे, जो साल 2014 में घटकर 13 हजार रह गए। साल 2017 में 6610 आवेदन ही पहुंचे।