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Kangra: डीसी कांगड़ा ने लॉन्च किया मिशन तृप्ति अभियान, जन्म से 2 वर्ष तक बच्चे के पोषण का रखा जाएगा ख्याल

Wed, 15 Jan 2025 05:05 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 15 Jan 2025 05:05 PM IST
सार

मिशन तृप्ति अभियान को उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने जिलाधीश कार्यालय भवन से लॉन्च किया। प्रदेश के एक मात्र जिला कांगड़ा में मिशन तृप्ति अभियान एक नई पहल है। 

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DC Kangra launched Mission Tripti Abhiyan, complete care will be taken of the child's nutrition from pregnancy
डीसी कांगड़ा ने लॉन्च किया मिशन तृप्ति अभियान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में बुधवार को मिशन तृप्ति अभियान को उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने जिलाधीश कार्यालय भवन से लॉन्च किया। प्रदेश के एक मात्र जिला कांगड़ा में मिशन तृप्ति अभियान एक नई पहल है। यह अभियान जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग कांगड़ा के संयुक्त तत्वाधान से चलाया जा रहा है। इस अभियान में गर्भधारण से दो वर्ष की आयु तक शिशु के पोषण का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

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उपायुक्त हेमराज बैरवा ने अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि जिला मिशन तृप्ति एक नई पहल की गई है। शिशु के जन्म से लेकर पहले 1000 दिनों तक विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। शिशु के जन्म से दो वर्ष की आयु तक शिशु की मानसिक, बौद्धिक, सृजनात्मक एवं शारीरिक विकास तीव्रता से होता है, जिसके मद्देनजर मिशन तृप्ति की शुरुआत जिला कांगड़ा में की जा रही है। जन्म के बाद दो वर्ष की आयु तक बच्चों को आहार में क्या और कैसे दिया जाए, इसकी जानकारी अधिकतम लोगों को नहीं होती है। जानकारी के अभाव से ही शिशुओं को सही आहार नहीं मिल पाता और वह आगे चलकर कुपोषण का शिकार होते हैं।
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कहा कि दो वर्ष की आयु तक बच्चों का पोषण किस प्रकार हो और उन्हें वे आहार सही समय पर मिले, इसके लिए ही मिशन तृप्ति की शुरूआत की गई है। इस मिशन के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर्स, सामाजिक संस्थाओं और पंचायतों के सहयोग से शिशुओं को दिए जाने वाले पूर्ण आहार की मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी और परिवार वालों को जागरूक किया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि छह माह की आयु के बाद शिशु के लिए मिशन तृप्ति के तहत कॉम्प्लिमेंटरी फीडिंग व न्यूट्रिशन पर विशेष बल दिया गया है। वहीं जंक फूड से दूर रहने की जानकारी दी जाएगी।
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चार शिशुओं से की मेरी कटोरी अभियान की शुरूआत
उपायुक्त ने बताया कि मेरी कटोरी मिशन तृप्ति का ही एक घटक है। उन्होंने बताया कि बहुत बार ऐसा होता है कि परिवार के सदस्य बच्चे को अपने साथ कुछ-कुछ खिलाते रहते हैं। जिससे यह पता नहीं चल पाता कि शिशु ने कितना खाया और क्या-क्या खाया। उन्होंने कहा कि बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त खाना और पोषण मिले इसके लिए उनकी अलग कटोरी होना जरूरी है, जिससे उसके घर वाले यह सुनिश्चित कर सकेंगे कि उसने कितना भोजन प्राप्त किया। इसी पहल के अंतर्गत उपायुक्त ने बुधवार को चार बच्चों को मेरी कटोरी के तहत खाने की कटोरी और गिलास दिया। इसके साथ ही छह माह की आयु पूर्ण करने वाले एक बच्चे का अन्नप्राशन संस्कार भी उपायुक्त कार्यालय में किया।

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