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शिमलावासियों के लिए अब खतरा नहीं बनेंगे पेड़
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 24 Sep 2014 09:23 AM IST
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राजधानी के लिए खतरा बन चुके 327 पेड़ों को काटने के लिए कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है। मंगलवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में कैबिनेट की सब कमेटी की सिफारिशों के अनुरूप पेड़ गिराने को अनुमति प्रदान की गई।
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327 पेड़ों में सूखे, गिरे और हरे पेड़ शामिल हैं। सरकार से मंजूरी का पत्र प्राप्त होते ही वन विभाग आगामी कार्रवाई शुरू करेगा। राज्य सरकार ने शिमला में पेड़ों को काटने से पहले कैबिनेट की सब कमेटी को मौका निरीक्षण करने के लिए गठित किया है।
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कैबिनेट सब कमेटी में वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी, शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा, आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी और शहरी विकास विभाग के सचिव शामिल हैं। बीते दिनों सब कमेटी ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर रिपोर्ट तैयार की है।
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शहर के हर हिस्से का निरीक्षण करने के बाद सब कमेटी ने 327 पेड़ों को शहर के लिए खतरा बताया। सब कमेटी की रिपोर्ट पर कैबिनेट में चर्चा के बाद पेड़ काटने की अनुमति दी गई है। 320 पेड़ सूखे और गिरे हुए हैं जबकि सात पेड़ हरे हैं। सरकारी भूमि और निजी भूमि पर यह पेड़ लगे हुए हैं।
शहर के सैकड़ों लोगों को मिलेगी राहत
राजधानी में हर साल बरसात के मौसम में सूखे और टेढ़ हो चुके पेड़ लोगों पर कहर ढहाते आए हैं। बरसात के मौसम में पेड़ों के गिरने से वाहनों और घरों को भारी क्षति होती है। इससे हर साल लाखों रुपये का नुकसान लोगों को झेलना पड़ता है। लोग कई बार पेड़ों को काटने को लेकर मांगें उठाते रहे हैं।
लिहाजा अब 327 पेड़ों को काटने की मंजूरी मिलने से लोगों को इससे भारी राहत मिलने की उम्मीद है। यही नहीं सड़क किनारे भी कई ऐसे पेड़ हैं जो बरसात के दिनों में गिरकर लोगों के लिए आफत खड़ी कर देते हैं। इससे कई बार घंटों तक शहर में यातायात भी बाधित रहता है।