तिब्बत की यात्रा करना चाहते हैं दलाईलामा
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बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा ने तिब्बत के पवित्र वुटाई शान पर्वत को एक तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने की इच्छा जताई है। धार्मिक महत्त्व के इस पवित्र पर्वत को ऐतिहासिक तीर्थ बनाने के लिए उन्होंने चीन के अधिकारियों के साथ अनौपचारिक बातचीत भी की है। समाचार एजेंसी एपीएफ को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले चीन अधिकृत तिब्बत के डिप्टी पार्टी सेक्रेट्री ने मेरी श्रद्धालु के रूप में यात्रा का जिक्र किया था।
उन्होंने कहा कि यह मेरा सिर्फ एक विचार है। औपचारिक या गंभीरता से नहीं, मैंने अनौपचारिक रूप से अपनी भावनाएं प्रकट की हैं। इससे पहले दलाईलामा ने नोबेल शांति पुरस्कार की 25वीं वर्षगांठ और गांधी जयंती पर मैकलोडगंज में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि एक दिन उनके सपने में महात्मा गांधी आए थे।
वीजा विवाद पर बोले, कमजोर को दबाने जैसा व्यवहार हुआ मेरे साथ
फर्क इतना था कि जो फोटो मैंने गांधीजी की देखी थी, वह सपने में आए गांधी जी से मेल नहीं खाई। मार्टिन लूथर किंग और नेल्सन मंडेला ने भी महात्मा गांधी के संदेशों और अहिंसा के मार्ग को अपनाया। मैं भी उनके बताए मार्ग का अनुसरण करता हूं।
दक्षिण अफ्रीका के वीजा से मना करने पर दलाईलामा ने कहा कि विश्व शिखर सम्मेलन की आयोजन समिति ने उनके साथ अपनी रक्षा करने में असमर्थ, विनम्र और कमजोर व्यक्ति को डराने व दबाने जैसा व्यवहार किया। समारोह में नोबेल विजेता जोडी विलियम्स, शिरिन इबादी मौजूद रहीं।