शिमला तिब्बतियन स्कूल में ये क्या बोल गए दलाईलामा
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धर्मगुरु ने बताया कि रोहतांग में बौद्ध धर्म के लोग उनसे मिलने पहुंचे। लोगों ने पूछा कि बौद्घ धर्म क्या है? धर्मगुरू ने बताया कि बौद्ध धर्म का मतलब बुद्धं शरणं गच्छामि, धर्मं शरणं गच्छामि है।
इसका अर्थ भगवान बुद्ध और धर्म की शरण में जाना है। हर जीव आत्मा के प्रति दया, सम्मान और विश्व शांति और हर जीव के कष्ट को दूर करने का प्रयास करना ही सही मायने में बुद्ध धर्म है।
मनुष्य के अच्छे कर्म ही उसे महान बनाते हैं। अच्छा बनने के लिए धर्म के मार्ग पर चलें और उसमें बताए गए जीवन के मूल्यों को अपनाएं। दलाईलामा ने कहा कि भगवान की शरण में जाने से मनुष्य को अलौकिक शांति मिलती है। वह चिंता से मुक्त होता है
बारिश और ओले गिरने पर भी डटे रहे लोग
करीब एक बजे धर्मगुरू स्कूल परिसर में पहुंचे। यहां इनका जोरदार स्वागत किया गया। इसके बाद बारिश और ओले गिरने के बावजूद लोग यहां डटे रहे।
छात्रों ने दलाईलामा के प्रवचनों को काफी गंभीरता से सुना। पुलिस ने भी इस कार्यक्रम के दौरान यातायात सुचारू करने में बेहतरीन काम किया।
दलाईलामा ने तिब्तियन स्कूल में भारत-तिब्बत मैत्री संघ की शिमला इकाई के अध्यक्ष विद्या सागर नेगी द्वारा लिखित पुस्तक का विमोचन किया। इसमें लेखक ने बौद्ध धर्म के कई तथ्यों को विस्तार से समझाने का प्रयास किया है।