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दलाईलामा ने बाबा राम रहीम पर ली चुटकी, पढ़िए क्या बोले

Wed, 06 Dec 2017 09:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला Updated Wed, 06 Dec 2017 09:29 AM IST
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dalai lama statement on ram rahim

बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा ने धर्मशाला में शांति का पाठ पढ़ाने के दौरान विवादित गुरु बाबा राम रहीम पर चुटकी ली। राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के वार्षिक समारोह में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे दलाईलामा ने कहा कि बौद्ध भिक्षु भारत की प्राचीन संस्कृति को कुछ विवादित गुरुओं की तरह नहीं बल्कि आत्मियता से अपनाएं।

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उन्होंने कहा कि हमें और भारत के लोगों को भारत की महिमा को पूरी दुनिया के सामने बेहतर ढंग से पेश करना चाहिए न कि हरियाणा के एक विवादित महागुरु की तरह। यह भारतीय मूल्यों का ही परिणाम है कि अगर कोई महागुरु गलत करता है तो उसे भी सजा मिलती है।
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भारतीय संस्कृति से दुनिया बहुत कुछ सीख सकती है। भारत अपने आप में महान है क्योंकि दुनिया में भारत ही एक ऐसा देश है, जहां सांस्कृतिक विरासत, आधुनिक शिक्षा, विज्ञान सहित अन्य मूल्यों का संगम देखने को मिलता है।

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विद्यार्थियों और अध्यापकों के प्रश्नों के दिए जवाब

dalai lama statement on ram rahim

बौद्ध धर्म की तरह अन्य धर्मों के भी अलग-अलग दर्शन हैं। आनंद का मूल्यांकन नहीं किया जा सकता। कोई भी कार्य जो आनंद प्रदान करता है, वह सकारात्मक कार्य है। जो परेशानी लाता है, वह नकारात्मक कार्य है।

उन्होंने अहिंसा, करुणा और प्रेम को भारत का विश्व के लिए सर्वोत्तम उपहार बताया। उन्होंने कहा कि धर्म पर आधारित प्रसन्नता का कोई मूल्यांकन नहीं किया जा सकता। प्रसन्नता हमारे अंदर से होनी चाहिए। अगर यह हमारे भीतर से है तो उसका कोई मोल नहीं है। कूटनीतिक प्रसन्नता मात्र एक दिखावा है।

उससे हमें कभी भी आत्मिक शांति नहीं मिल सकती। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सुनील मेहता ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। दलाईलामा ने सभागार में उपस्थित विद्यार्थियों और अध्यापकों के प्रश्नों के जवाब दिए।

मैं भगवान नहीं हूं

dalai lama statement on ram rahim

दलाईलामा ने अपना भाषण रिसपेक्टेट एल्डर ब्रदर्स एंड सिस्टर से शुरू करते हुए कहा कि मुझे कुछ लोग भगवान कहते हैं। लेकिन, मैं भगवान नहीं हूं। मैं तो प्राचीन भारतीय मूल्यों और ज्ञान के विचारों का संदेशवाहक हूं।

मैं दुनिया में जहां भी जाता हूं, वहां भारतीय संस्कृति की महिमा लोगों को बताता हूं। मैं अभी भारतीय संस्कृति को पढ़ रहा हूं। इसलिए, मैं आपका चेला और आप मेरे गुरु हैं।

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