DA केस: सीएम वीरभद्र की पत्नी की याचिका पर CBI को नोटिस जारी
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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह की अर्जी पर अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी किया है। प्रतिभा सिंह ने सीबीआई पर आय से अधिक संपत्ति मामले में चार्जशीट दायर करने में कानूनी प्रक्रिया का पालन न करने का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि सीबीआई ने हिमाचल प्रदेश में जांच करने के लिये राज्य सरकार की अनुमति नहीं ली थी। सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति मामले में वीरभद्र सिंह, पत्नी प्रतिभा सिंह सहित नौ लोगों के खिलाफ तीन अप्रैल को आरोप पत्र पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई अदालत में दाखिल किया था।
विशेष न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार गोयल ने प्रतिभा सिंह की अर्जी पर सीबीआई को नोटिस जारी कर एक मई तक जवाब मांगा है। अर्जी पर प्रतिभा सिंह के वकील ने कहा कि सीबीआई ने चार्जशीट व दस्तावेज दाखिल करने में तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया है।
याचिका में प्रतिभा सिंह ने दी हैं ये दलीलें
प्रतिभा सिंह की ओर से दायर अर्जी में कहा गया है कि सीबीआई ने दिल्ली पुलिस स्पेशल इस्टेबलिस्ट में एक्ट का पालन नहीं किया है। इसके मुताबिक अगर सीबीआई किसी राज्य में जांच व छापेमारी करती है तो इसकी अनुमति राज्य सरकार से लेना अनिवार्य है।
उनके मामले में सीबीआई ने इस कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया है। हाईकोर्ट ने भी 31 मार्च के अपने आदेश में कहा था कि इस कानूनी प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। लिहाजा उस पर फिलहाल संज्ञान न लिया जाये।
सीबीआई ने इस आरोप पत्र में वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह, एलआईसी एजेंट आनंद चौहान उनके सहयोगी चुन्नी लाल, जोगिन्द्र सिंह घट्टा, प्रेमराज, लवन कुमार रोच, वाकामुल्ला चन्द्र शेखर व राम प्रकाश भाटिया को आरोपी बनाया है।
अपनी रिपोर्ट में सीबीआई ने करीब 222 गवाहों की भी सूची पेश की है। सीबीआई ने 23 सितंबर 2016 को वीरभद्र सिंह व उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह अन्ंय के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।
आनंद चौहान के खिलाफ यह दूसरा मामला है। उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने 6 सितंबर 2016 को मनी लांड्रिंग प्रिवेंशन एक्ट (पीएमएलए) के तहत आरोपपत्र दायर किया था।
चौहान के खिलाफ आरोपों पर बहस अब 17 को
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से जुड़े पांच करोड़ के मनी लांड्रिंग मामले में आरोपी एलआईसी एजेंट आनंद चौहान के खिलाफ आरोपों पर बहस अगली तारीख के लिए टल गई। चौहान पर आरोप है कि उसने वीरभद्र सिंह के अघोषित धन का जीवन बीमा में निवेश करवाया।
पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई जज वीरेंद्र कुमार गोयल ने आरोपों पर सुनवाई के लिए 17 मई की तारीख तय की है। प्रवर्तन निदेशालय ने एलआईसी एजेंट आनंद चौहान को चंडीगढ़ से 8 जुलाई 2016 को गिरफ्तार किया था। हाईकोर्ट ने आनंद चौहान की जमानत याचिका 10 अप्रैल 2017 को खारिज कर दी थी।
बता दें कि चौहान पर वीरभद्र सिंह के पांच करोड़ रुपये जीवन बीमा में निवेश करवाने का आरोप है। अदालत ने ईडी की चार्जशीट पर 7 सितंबर 2016 को संज्ञान लेते हुए कहा था कि उसे इस मामले की सुनवाई का पूरा अधिकार है। एजेंसी ने तीन हजार पन्नों की चार्जशीट मनी लांड्रिंग प्रीवेंशन एक्ट (पीएमएलए) के तहत दाखिल की थी।