साइबर क्राइम: कोविड की बूस्टर डोज के नाम पर हो रही ठगी, पुलिस ने किया अलर्ट
पुलिस के मुताबिक शातिर बूस्टर डोज पंजीकृत करने के नाम पर लोगों से उनका मोबाइल नंबर पूछ रहे हैं। इसके बाद उनके मोबाइल नंबर पर ओटीपी आता है। इस ओटीपी को बताने के बाद बैंक खातों से पैसा निकाला जा सकता है। ऐसे में लोग बूस्टर डोज लगाने के चक्कर में ठगी का शिकार हो सकते हैं।
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कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के लिए बूस्टर डोज लगाने के बीच साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। शातिर बूस्टर डोज पंजीकृत करने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे हैं। शिमला पुलिस ने भी सतर्कता बरतते हुए लोगों को ओटीपी किसी से भी शेयर न करने की हिदायत दी है। पुलिस के मुताबिक शातिर बूस्टर डोज पंजीकृत करने के नाम पर लोगों से उनका मोबाइल नंबर पूछ रहे हैं। इसके बाद उनके मोबाइल नंबर पर ओटीपी आता है। इस ओटीपी को बताने के बाद बैंक खातों से पैसा निकाला जा सकता है। ऐसे में लोग बूस्टर डोज लगाने के चक्कर में ठगी का शिकार हो सकते हैं।
पुलिस ने चेतावनी जारी कर कहा कि शातिरों के पास लोगों के पहले लगाई गई कोरोना रोधी दोनों डोज का तिथियों सहित आंकड़ा है। इस आंकड़े को बताकर वे लोगों को विश्वास जीत रहे हैं। बाद में लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। पुलिस ने मदद के लिए 0177-2812344 और 112, 88947-28034 नंबर जारी किए हैं। एसपी शिमला डॉ. मोनिका ने कहा कि लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए सजग रहना चाहिए।