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कोविड मरीजों के तीमारदारों को निशाना बना रहे साइबर अपराधी, ऐसे कर रहे ठगी, एडवाइजरी जारी

Mon, 10 May 2021 07:37 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 10 May 2021 07:37 PM IST
सार

एडिशनल एसपी साइबर क्राइम नरवीर राठौर ने बताया कि वर्तमान में कोरोना की दूसरी लहर के बीच लोगों को जो मुश्किल आ रही है, उसका फायदा साइबर अपराधी उठाने का प्रयास कर रहे हैं। लोगों को खास एहतियात बरतने की जरूरत है।

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Cyber criminals are targeting the families of covid patients, himachal cyber crime police issued advisory
साइबर अपराध(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच साइबर ठगों ने लोगों को अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन सिलिंडर और रेमडेसिविर इंजेक्शन मुहैया कराने के नाम पर ठगना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया साइटों के जरिये कोविड मरीजों के परिजनों से संपर्क साधकर उन्हें झांसे में लेते हैं।

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ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर करवाकर गायब हो जाते हैं। ऐसे मामले सामने आने के बाद स्टेट साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। एडिशनल एसपी साइबर क्राइम नरवीर राठौर ने बताया कि वर्तमान में कोरोना की दूसरी लहर के बीच लोगों को जो मुश्किल आ रही है, उसका फायदा साइबर अपराधी उठाने का प्रयास कर रहे हैं। लोगों को खास एहतियात बरतने की जरूरत है।
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लोगों को ऐसे शिकार बना रहे जालसाज
ठग गूगल पर अस्पतालों का फर्जी नंबर डालते हैं और फिर कर्मचारी बनकर ठगी का खेल खेलते हैं। लोगों से एडवांस पेमेंट लेते हैं। फर्जी बेवसाइट, ई-कॉमर्स प्लेटफार्म, सोशल मीडिया अकाउंट और ई-मेल बना रहे हैं, जिससे ये मेडिकल उत्पादों को बचने का दावा करते हैं। ठगों की तरफ से बैंक और यूपीआई के माध्यम से भुगतान कराया जाता है। स्वास्थ्य अधिकारी बनकर भी ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। 
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जालसाजों से ऐसे बचें
एडवाइजरी में कहा गया है कि संदिग्ध ई-मेल, सोशल मेसेजिंग ऐप्स, गूगल आदि पर किसी भी लिंक पर क्लिक न करें। सोशल साइट्स से अस्पताल, मेडिकल व अन्य जरूरी सुविधा का नंबर लेते समय विशेष सावधानी बरतें। असत्यापित वेबसाइट से मिले कस्टमर केयर व पर्सनल नंबर का प्रयोग न करें। किसी की सत्यता की जांच के बिना एडवांस पेमेंट करने से बचें। पैसे दान करने से पहले चैरिटी फंड की शाखा के बारे में जांच करें। 

इन बातों का रखें ध्यान

  • वीडियो कॉल आए तो अपना कैमरा ऑन न करें। 
  • व्हाट्सएप प्राइवेसी में अपना अकाउंट सिर्फ कॉन्टेक्ट करके रखें। 
  • फेसबुक या अन्य सोशल साइटों पर आने वाले लाइव चैट के विज्ञापन से बचकर रहें। 
  • वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जाए तो पुलिस की सहायता लें।
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प्रधानाचार्य का जाली खाता  बनाकर पैसे मांग रही महिला

ठियोग कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. पवन कुमार सलारिया का जाली खाता बनाकर एक महिला पैसे मांग रही है। डॉ. सलारिया भूगोल विषय पर कई पुस्तकों के भी लेखक हैं। वह शिमला में रहते हैं। वे कोविड पॉजिटिव हो गए हैं। वह उपचार के लिए लुधियाना के एक अस्पताल में दाखिल हो गए।

अब उनकी कोरोना रिपोर्ट तो निगेटिव आ गई है, पर कोविड के बाद की जटिलताओं के चलते उपचाराधीन हैं। उनकी पत्नी नीना रानी ने बताया कि उनके नाम से किसी ने फ र्जी फेसबुक खाता बना लिया है। उनसे पैसे मांगे जा रहे हैं। इस वक्त वह इस स्थिति में भी नहीं हैं कि इस बारे में एफआईआर दर्ज करें। 

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