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G-20 Summit: जी-20 की बैठक में स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा
Wed, 08 Feb 2023 09:15 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 08 Feb 2023 09:15 PM IST
सार
मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने कहा कि इस बैठक के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने यह बात नाबार्ड के क्रेडिट सेमीनार में कही।
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मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने कहा कि प्रधानमंत्री के लोकल के लिए वोकल दृष्टिकोण के तहत हिमाचल प्रदेश में अप्रैल-मई में प्रस्तावित जी-20 की बैठक की तैयारियां जारी है। उन्होंने कहा कि इस बैठक के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने यह बात नाबार्ड के क्रेडिट सेमीनार में कही। बता दें कि जी-20 सम्मेलन की दो बैठकें हिमाचल में प्रस्तावित हैं। हालांकि, बैठकें ठियोग में करवाने पर अभी संशय है। यह बैठकें अब ठियोग के बजाय धर्मशाला में हो सकती हैं। पहले इसके लिए कार्यक्रम स्थल ठियोग का होटल ताज तय किया गया था। अब बैठकों का स्थल धर्मशाला करने की तैयारी चल रही है।
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किशाऊ और रेणुका बांध के अधिग्रहण मामलों में मुख्य सचिव ने की समीक्षा
किशाऊ और रेणुका बांध के अधिग्रहण मामलों में मुख्य सचिव ने की समीक्षाशिमला। किशाऊ और रेणुका बांध के अधिग्रहण मामलों पर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने बुधवार को शिमला में एक समीक्षा बैठक ली। इसमें ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने इन अधिकारियों से पूछा कि हिमाचल प्रदेश से संबंधित इन परियोजनाओं में भू-अधिग्रहण की क्या स्थिति है। कितने लोग इन परियोजनाओं से प्रभावित हो रहे हैं। मुख्य सचिव ने इन परियोजनाओं के निर्माण की स्थिति पर भी मंत्रणा की। यह मालूम रहे कि किशाऊ बांध परियोजना हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड का संयुक्त प्रोजेक्ट है। इसी तरह से रेणुका बांध परियोजना का पानी दिल्ली तक जाना है।
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