किशन कपूर के खिलाफ आपराधिक मामला बंद करने का रिकॉर्ड तलब
खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री किशन कपूर के खिलाफ आपराधिक मामला बंद करने से संबंधित रिकॉर्ड हाईकोर्ट ने 9 जनवरी को तलब कर लिया है। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर ने अरुण देव बिष्ट की ओर से दायर याचिका की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किए।
गौरतलब है कि मंत्री किशन कपूर के खिलाफ दर्ज मामला बंद करने को सत्र न्यायाधीश (वन) की अदालत के समक्ष राज्य के सतर्कता विभाग ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है। इस पर 20 दिसंबर को सुनवाई निर्धारित की गई है।
किशन कपूर पर आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2008 में तत्कालीन धूमल सरकार में शहरी विकास मंत्री और हिमुडा के चेयरमैन रहते अपने और पत्नी के अलावा कुछ अन्य लोगों को डिस्क्रीशनरी अधिकार के तहत प्लॉट आवंटित कर दिए थे।
यहां जानिए क्या है पूरा मामला
इसे लेकर अरुण देव बिष्ट की याचिका में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सतर्कता विभाग को जांच करने के आदेश दिए थे। किशन कपूर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की सूरत में हाईकोर्ट ने अरुण देव बिष्ट की याचिका का 30 दिसंबर, 2013 को निपटारा कर दिया था।
प्रार्थी ने याचिका में आरोप लगाया है कि सतर्कता विभाग ने उसकी आपत्ति को सुने बगैर ही न्यायालय के समक्ष क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी, जबकि कानूनन क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने से पूर्व प्रार्थी को सुना जाना अति आवश्यक था।
हाईकोर्ट ने मामले पर हुई प्रारंभिक सुनवाई के दौरान सत्र न्यायाधीश वन की अदालत से एफआईआर नंबर 9/ 2013 को बंद करने संबंधी तमाम रिकॉर्ड को हाईकोर्ट के समक्ष तलब कर लिया है।