युग अपहरण के आरोपी तीन दिन के पुलिस रिमांड पर
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राजधानी के राम बाजार इलाके में दो साल पहले 14 जून को हुए चार साल के बच्चे युग गुप्ता के अपहरण के मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों को सीआईडी ने कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने इस दौरान पुलिस की रिमांड एप्लीकेशन मंजूर करते हुए आरोपियों को 17 जून तक की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
अब सीआईडी के अधिकारी जांच में मिले सुबूतों और दोनों से पूछताछ से निकलने वाली बातों का मिलान कर पुख्ता तथ्य इकट्ठा करने की कवायद शुरू कर दी है। सीआईडी के एसपी वीके धवन ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ जांच में कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे थे।
ऐसे में उन सुरागों की कड़ी मिलाने और जांच सही दिशा में बढ़ाते हुए पूरी करने के लिए कोर्ट से रिमांड की मांग की गई थी। बता दें, मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से ताल्लुक रखने वाले विनोद कुमार उर्फ बबलू गुप्ता शहर की राम बाजार में जनरल मर्चेंट की होलसेल की दुकान है। 14 जून 2014 की शाम को उनका चार साल का बेटा युग गुप्ता गायब हो गया।
दो दिन पहले किए गिरफ्तार
पिता ने अपहरण की आशंका जताते हुए मामले में एफआईआर दर्ज कराई। करीब दो साल की जांच के दौरान पहले पुलिस और फिर सीआईडी ने करीब दो सौ से ज्यादा लोगों से पूछताछ की। इस दौरान कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया लेकिन नतीजा सिफर ही रहा।
कुछ समय पहले सीआईडी को राम बाजार में ही रहने वाले तेजेंद्रपाल और चंद्र शर्मा पर शक हुआ। शक के आधार पर सीआईडी ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के बाद दोनों को नार्को टेस्ट के लिए गुजरात ले जाया गया लेकिन दोनों ने ही टेस्ट कराने से इंकार कर दिया।
इसके बाद दोनों को सीआईडी वापस शिमला ले आई लेकिन सीआईडी की एक टीम काल डिटेल, उस दिन दोनों की लोकेशन और परिवार व परिचितों से बातचीत कर जानकारी जुटाती रही। दो दिन पहले कुछ पुख्ता सबूत हाथ लगने के बाद सीआईडी ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।