केंद्रीय जांच एजेंसी करेगी टेक्रोमैक घोटाले की जांच, इनको सौंपा जा सकता है केस
इंडियन टेक्रोमैक कंपनी के लगभग 6000 करोड़ रुपये के घोटालों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) या सीबीआई करेगी। आबकारी एवं कराधान विभाग ने अपनी रिकवरी के लिए केंद्रीय एजेंसियों को ही उपयुक्त माना है।
आबकारी एवं कराधान विभाग से इसको लेकर सिफारिशी पत्र प्रदेश आबकारी आयुक्त को भेजा गया है। आयुक्त की ओर से मामला राज्य सरकार के पास पहुंचाने के बाद ईडी या फिर सीबीआई को जांच का जिम्मा सौंपा जाएगा। आयुक्त को जांच की पूरी रिपोर्ट भी भेजी है।
मार्च 2014 में आबकारी एवं कराधान विभाग की टीम ने इंडियन टेक्रोमैक कंपनी के कारखाने को सही तरीके से वैट टैक्स जमा न करवाने पर कार्रवाई करते हुए सीज किया। कंपनी पर कुल 2175.51 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी के आरोप हैं।
सीएम ने भी दिए थे संकेत
बैंकों से लिए गए ऋण, बिजली बोर्ड, ईपीएफ आदि मिलाकर कुल 6000 करोड़ रुपये के लगभग का हेरफेर सामने आया है। स्टेट सीआईडी में तीन एफआईआर दर्ज है। हाल ही में आबकारी एवं कराधान विभाग की ओर से माजरा थाना में दर्ज करवाई गई एफआईआर भी सीआईडी को ट्रांसफर हुई है।
मामले में सीआईडी ने कंपनी के निदेशकों में से एक को गिरफ्तार किया है। आबकारी एवं कराधान विभाग के सहायक आयुक्त जीडी ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों या विदेश में संपत्ति होने के चलते इसकी जांच केंद्रीय जांच एजेंसी से करवाई जाना जरूरी है।
सिरमौर दौरे पर आए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपने के संकेत दिए थे। हालांकि, उन्होंने साफ तौर पर नहीं कहा था। लेकिन, इतना जरूर कहा था कि मामला सीआईडी के पास है। सीआईडी की जांच रिपोर्ट मिलने के पश्चात ही इस पर आगामी फैसला लिया जाएगा।