भतीजी से दुष्कर्म के दोषी को दस साल कैद, सौतेले पिता को भी मिली सजा
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धर्मशाला के एक गांव में सौतेली भतीजी के साथ डरा धमकाकर दुष्कर्म करने के दोषी चाचा को कोर्ट ने 10 साल कठोर कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसी मामले में छेड़छाड़ करने वाले सौतेले पिता को भी तीन साल कैद की सजा सुनाई है।
दोनों दोषियों को यह सजा विशेष सत्र न्यायाधीश राजेश तोमर की अदालत ने सुनाई है। लोक अभियोजक कपिल देव शर्मा ने बताया कि विष्णु राम और प्रमोद के खिलाफ महिला साहित्यकार संस्था की ओर से 17 अक्तूबर 2014 को यह मामला दर्ज करवाया गया था।
इसमें आरोप था कि प्रमोद की पत्नी की मृत्यु के बाद प्रमोद बेटी के साथ छेड़छाड़ करता है। जब नाबालिग ने यह बात अपने चाचा विष्णु को बताई तो चाचा ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद लगातार 10 वर्ष तक चाचा नाबालिगा को अपनी हवस का शिकार बनाता रहा।
ऐसे सामने आया मामला
पीड़िता ने अपने स्कूल की प्रधानाचार्य को इस मामले से अवगत करवाया। स्कूल प्रधानाचार्य और महिला साहित्यकार संस्था के पदाधिकारियों ने पुलिस थाना में मामला दर्ज करवाया। पीड़िता के बयानों के आधार पर विष्णु और प्रमोद के खिलाफ पुलिस थाना में पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
पुलिस जांच टीम और फोरेंसिक लैब धर्मशाला की टीम ने भी प्रमोद के घर से जरूरी साक्ष्य जुटाए। राजेश तोमर की विशेष अदालत में पहुंचे मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 17 गवाह पेश किए गए।
गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने विष्णु राम को 10 साल का कठोर कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की सूरत में छह महीने का अतिरिक्त कारावास होगा।
इसी मामले में अपनी नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ मामले में सौतेले बाप को तीन साल कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, पीड़िता को जुर्माने की राशि मुआवजा के तौर पर दी जाएगी।