फर्जी बिल बनाकर सरकार को लगाया करोड़ों का चूना, यहां जानिए पूरा मामला
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पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। बरामद किए गए फर्जी बिल और एमफार्म कहां प्रिंट होते थे, इसका भी पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने इस फर्जीबाड़े में उत्तराखंड में दबिश देकर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। छानबीन में फर्जीबाड़े की परतें खुलने लगी हैं।
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि फर्जी बिल और एम फार्म वाहन चालकों को एक-एक हजार रुपये में मुहैया करवाए जाते थे। इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध खनन कर सामग्री राज्य के उस पार पहुंचाई जाती थी। यह भी खुलासा हुआ है कि जिस फर्म के नाम के यह बिल और एम फार्म है, वह दिल्ली की है।
इस फर्जीबाड़े में बड़े गिरोह का हाथ|: पुलिस
फर्म के मालिक से भी पुलिस पूछताछ कर सकती है। उधर, पुलिस अधीक्षक रोहित मालपानी ने बताया कि इस फर्जीबाड़े में बड़े गिरोह का हाथ है। उन्होंने मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावनाओं से भी इंकार नहीं किया।
बताया कि शातिर एक एक हजार में फर्जी एम फार्म का सौदा करते थे।यह बिल कहां बनाए जाते हैं, यह पूछताछ से पता चलेगा। दिल्ली की फर्म के मालिक को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। यदि फर्जीबाड़े में फर्म की संलिप्तता पाई गई तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
फर्जीबाड़े का दूसरा आरोपी भी दबोचा
फर्जी एमफार्म के मामले में फरार चल रहा दूसरा आरोपी भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस थाना पांवटा साहिब में खनन रक्षक की शिकायत पर दर्ज हुए मामले में पुलिस ने रोहित गोयल को गिरफ्तार किया था। फरार चल रहा आमिर खान भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। अदालत में पेश करने पर दोनों आरोपियों को एक फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।