दर्दनाक हादसा! 45 मिनट तक तड़पता रहा वो मासूम
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दाखिले के दो दिन बाद ही स्कूल की गाड़ी से कुचलकर तीन साल के एक मासूम की मौत हो गई। ड्राइवर ने तो संवेदनहीनता की हद ही पार कर दी।
घायल बच्चे को गाड़ी में लादकर अस्पताल ले जाने की जगह वह 45 मिनट तक दूसरे बच्चों को उनके घर छोड़ता रहा और जब घायल को लेकर अस्पताल पहुंचा तो डाक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने चालक और स्कूल प्रबंधक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है जबकि शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया। टकारला निवासी तीन साल अर्शप्रीत शुक्रवार दोपहर को अपनी दस वर्षीय बहन के साथ घुसाड़ा स्थित केवी इंटरनेशनल स्कूल से घर लौट रहा था।
चालक और स्कूल प्रबंधक के खिलाफ केस दर्ज
टाटा सूमो चालक अशोक कुमार ने उसे घर के बाहर सड़क के दूसरी तरफ गाड़ी से उतारा। बच्चा बहन के साथ सड़क पार कर रहा था कि इसी दौरान ड्राइवर ने गाड़ी चला दी और अर्शप्रीत उसकी चपेट में आ गया।
टाटा सूमो के बाईं तरफ के आगे और पीछे के पहिए मासूम के ऊपर से गुजर गए, जबकि उसकी बहन बाल - बाल बच गई। बच्ची के चिल्लाने पर ड्राइवर ने घायल अर्शप्रीत को उठाकर गाड़ी में लिटा दिया और बाकी बच्चों को उनके घर छोड़ता रहा।
बताया जाता है कि करीब पौन घंटे बाद बच्चे को लेकर सूमो ड्राइवर बडूही स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचा। वहां डाक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।