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आरटीआई कार्यकर्ता 50 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार
Fri, 19 Feb 2021 08:29 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 19 Feb 2021 08:29 PM IST
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रिश्वत(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो हमीरपुर की टीम ने एक आरटीआई कार्यकर्ता को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान यशपाल निवासी गांव जंगली डाकघर महारल, तहसील बिझड़ी जिला हमीरपुर के रूप में हुई है। आरोपी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और पशुपालन विभाग में की गई शिकायत को वापस लेने की एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
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शुक्रवार को शिकायकर्ता ने उसे महारल स्कूल के समीप पैसे ले जाने के लिए बुलाया था। साथ ही विजिलेंस को भी इस बारे में सूचना दी गई। यशपाल ने जैसे ही 50 हजार रुपये हाथ में पकड़े तो विजिलेंस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। यशपाल ने पशुपालन विभाग में सेवारत विनोद कुमार की पशुपालन विभाग और मुख्यमंत्री सेवा संकल्प पर जाली प्रमाण पत्रों के जरिये पदोन्नति हासिल करने की शिकायत की थी। आरटीआई से ली गई सूचना में विभाग ने पाया था कि विनोद कुमार का बारहवीं का सर्टिफिकेट जाली है। पशुपालन विभाग की ओर से की गई जांच में विनोद कुमार के प्रमाण पत्र जाली पाए गए थे और आगामी कार्रवाई के लिए रिपोर्ट पशुपालन निदेशालय शिमला भेजी गई है। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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उधर, विजिलेंस हमीरपुर के डीएसपी लालमन शर्मा ने कहा कि वेटरनेरी फार्मासिस्ट विनोद कुमार की शिकायत पर यशपाल को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी को शनिवार को हमीरपुर न्यायालय में पेश किया जाएगा। वेटरनरी फार्मासिस्ट पर भी फर्जी दस्तावेजों के जरिये पदोन्नति हासिल करने का आरोप है, लेकिन यह मामला पशुपालन विभाग के पास है। पशुपालन विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि विनोद कुमार ने ओपन स्कूल के जरिये बारहवीं का सर्टिफिकेट विभाग को दिया था। लेकिन शिकायत मिलने के बाद जब विभाग की टीम स्कूल शिक्षा बोर्ड के पास रिकॉर्ड लेने पहुंची तो वहां पाया कि उनके यहां से यह सर्टिफिकेट जारी नहीं हुआ। इस मामले में आगामी कार्रवाई के लिए रिपोर्ट निदेशालय भेजी गई है।
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