पंचायत के पैसे से खुद का भला करता रहा ये प्रधान?
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हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला की पंचायत का यह प्रधान कई सालों तक पंचायत के पैसे से खुद का भला करता रहा। जब विजिलेंस ने मौके पर पड़ताल की तो इसके लाखों के गोलमाल का पूरा सच सामने आया।
मामला चंबा की ग्राम पंचायत जांगी के प्रधान का है। विजिलेंस जांच में पता चला है कि प्रधान ने मनरेगा,बीआरजीएफ और अन्य योजनाओं में काम के नाम पर लाखों रुपये का गबन किया है।
सिर्फ कागजों में ही पंचायत में सारे विकास कार्य किए गए जबकि वास्तविकता में यहां पर कुछ भी नहीं हुआ था। विजिलेंस ने आरोपी प्रधान वीरेंद्र गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है।
स्कूल के फर्नीचर का पैसा भी हड़प गया
विजिलेंस के मुताबिक प्रधान ने तरेला स्कूल को फर्नीचर देने के नाम पर 50 हजार रुपये जबकि एसवीएसवाई योजना के तहत बनने वाली तीन दुकानों को मिली ढाई लाख भी अपनी जेब में डाली हैं।
विजिलेंस की छानबीन में इसका खुलासा हो चुका है। प्रधान ने सिर्फ कागजों में ही काम दिखाया है। पंचायत में कागजों में हुए काम हकीकत में नहीं हो पाए हैं। लाखों रुपये की हेराफेरी के आरोपों के संबंध में पुख्ता सबूत मिलने के बाद ही प्रधान ने विजिलेंस को गिरफ्तार किया है।
विजिलेंस जांच के अनुसार अभी तक प्रधान 25 लाख रुपये का गबन कर चुका है। एसपी विजिलेंस विमल गुप्ता ने बताया कि प्रधान को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को उसे प्रधान को चंबा न्यायालय में पेश किया जाएगा।