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पुलिस रिमांड पर भेजी मानव भारती विवि की रजिस्ट्रार, मालिक भूमिगत

Sat, 14 Mar 2020 07:10 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 14 Mar 2020 07:10 PM IST
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Manav Bharti University registrar sent on police remand, owner underground
सांकेतिक तस्वीर

फर्जी डिग्री प्रकरण में गिरफ्तार मानव भारती विवि की रजिस्ट्रार अनुपमा को सोलन कोर्ट ने दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अनुपमा को पुलिस ने शुक्रवार को अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद विवि परिसर से गिरफ्तार कर लिया था।

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शनिवार को सीजेएम कोर्ट सोलन में पेश किया गया, जहां आरोपी को 16 मार्च तक पुलिस रिमांड पर रखने का फैसला दिया गया। इस मामले में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
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इनमें रजिस्ट्रार अनुपमा के साथ असिस्टेंट रजिस्ट्रार मनीष गोयल व डाटा ऑपरेटर प्रमोद कुमार शामिल हैं। मामले में मुख्य आरोपी मानव भारती विश्वविद्यालय के मालिक राज कुमार राणा अभी भी भूमिगत है। पुलिस राणा की तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही है।
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लेकिन अभी तक उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। मानव भारती विवि फर्जीवाड़े के तार राजस्थान की माधव विवि से जुड़ने के बाद पुलिस टीम वहां भी दबिश देगी। पुलिस को उम्मीद है कि माधव विवि से अभी और रिकॉर्ड बरामद हो सकता है। 

पुलिस ने विश्वविद्यालय में डाला डेरा

Manav Bharti University registrar sent on police remand, owner underground

सोलन पुलिस ने शनिवार को दिन भर मानव भारती विवि में डेरा डाले रखा। विशेष जांच दल के मुखिया पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव समेत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार शर्मा, साइबर एक्सपर्ट की टीम दिन भर साक्ष्यों को खंगालने में जुटी रही। पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने बताया कि जब्त रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है। जब्त कंप्यूटरों व उनकी हार्ड डिस्क की जांच के लिए साइबर टीम की मदद ली गई है। उन्होंने बताया कि राजकुमार राणा को पुलिस जल्द ही गिरफ्तार करेगी। 

बिना मान्यता चलते रहे एमटेक और आयुर्वेदा के कोर्स
मानव भारती विवि में पुलिस के हाथ फर्जीवाड़े के कुछ और सुबूत लगे हैं। इनमें एमटेक व आयुर्वेदा की डिग्री शामिल है। इन दोनों डिग्रियों को करवाने के लिए मानव भारती विवि अधिकृत नहीं था। इसके अलावा कुछ ऐसे कोर्स भी हैं जिनकी मान्यता विवि प्रबंधन के पास वर्ष 2012 तक ही थी। लेकिन उसके बाद भी इन कोर्सों को संचालित किया जाता रहा। पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने बताया कि पुलिस बरामद साक्ष्यों की गहराई से जांच कर रही है। जो भी सुबूत मिल रहे हैं, उन्हें एकत्र किया जा रहा है। 

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