कुल्लू गुड़िया हत्याकांड: साढ़े तीन माह बाद आरोपी गिरफ्तार
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कुल्लू गुड़िया हत्याकांड को पुलिस ने साढ़े तीन माह बाद सीसीटीवी फुटेज की सहायता से सुलझा लिया है। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद यूपी से भूमिगत चल रहे आरोपी प्रवासी युवक को दबोचा। भुंतर में शिनाख्त के बाद आरोपी को सोमवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है।
कुल्लू में पत्रकारों से बातचीत करते हुए युवा एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने कहा कि मामले में पुलिस दिल्ली, एनसीआर और यूपी क्षेत्र में काफी समय से जांच कर रही थी। अमेरिका से सीसीटीवी फुटेज की क्लीयर कॉपी आने के बाद पुलिस ने यूपी में जांच को आगे बढ़ाया।
पिछले 15-20 दिनों से मामले में संदिग्ध राम बाबू उर्फ नाम बाबू 22 पुत्र छब्बू गांव खैराहसन जिला बैराइच यूपी पुलिस की निगरानी में था। जिसे शक के आधार पर पुलिस ने भुंतर लाया और पीड़ित के परिजनों से शिनाख्त करवाई। पहचान होने पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
बताया कि आरोपी ने पुलिस पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपी से निशानदेही करवाई जाएगी। आरोपी को मंगलवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जाएगा और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पूछताछ की जाएगी। इस दौरान एएसपी कुल्लू निश्चिंत सिंह नेगी, डीएसपी मुख्यालय शिव चौधरी, एसएचओ भुंतर अजय कुमार, अनिल कुमार और अन्य मौजूद रहे।
क्या है मामला
बीते 29 अप्रैल को भुंतर ट्रक यूनियन के समीप झुग्गी से एक आठ वर्षीय बच्ची लापता हो गई। जिसका शव 30 अप्रैल को ब्यास नदी किनारे मिला। जांच के बाद पुलिस ने रेप के बाद हत्या का मामला दर्ज किया।
जांच के दौरान झुग्गी-झोंपड़ी के लोगों से पूछताछ की गई। उन्होंने चक्का जाम कर दिया और बाद में लगातार प्रदर्शनों का सिलसिला जारी रहा। जिससे पुलिस जांच प्रभावित भी हुई। मामले में अखबारों में छपी खबरों पर संज्ञान लेते हुए इस मामले में स्टेट्स रिपोर्ट भी तलब की है।
तथ्य छुपाने और गुमराह करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
कुल्लू के गुड़िया हत्याकांड मामले में पुलिस को गुमराह करने और तथ्य छुपाने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई होगी। पुलिस मामले का पटाक्षेप करने के बाद तथ्य छुपाने वालों से कानूनी तरीके से निपटेगी। जांच में आरोपी पीड़ित का ही पड़ोसी निकला है। वह भुंतर ट्रक यूनियन के समीप पीड़ित के साथ वाली एक अन्य झुग्गी झोंपड़ी में रहता था।
पुलिस इस मामले में हर पहलू से जांच कर रही है। कुल्लू की युवा एसपी शालिनी अग्निहोत्री व एएसपी व एसआईटी के मुखिया निश्चिंत सिंह नेगी ने अपनी टीम के साथ दिन-रात कड़ी मेहनत कर मामला सुलझा लिया है, लेकिन पीड़ित के परिजनों की ओर से पहले आरोपी के पड़ोसी होने के बावजूद पहचानने से इंकार करने पर सवाल उठ रहे हैं।
परिजनों से सहयोग न मिलने का दावा कर चुकी है पुलिस
जिसे पुलिस भी गंभीरता से ले रही है। इस मामले में हो हल्ले के बाद पुलिस सतर्कता बरत रही है। साथ लगती झुग्गी-झोंपड़ी में रहने वाला बाबू राम घटना के बाद फरार था और काफी समय से भूमिगत चल रहा था। जिसे खोजने में पुलिस को करीब साढ़े तीन माह का समय लग गया।
सीसीटीवी फुटेज में दिख रही एक अन्य लड़की आरोपी बाबू राम की बहन बताई जा रही है। इधर, एसपी कुल्लू शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि पुलिस हर पहलु को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। तथ्य छुपाने व जांच गुमराह करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई अमल पर लाई जाएगी। किस तरह तथ्य छुपाए या गुमराह किया के तथ्य सामने आने पर मामले में अन्य धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।
कुल्लू गुड़िया हत्याकांड को लेकर खबरों पर हाईकोर्ट से स्वत: संज्ञान लेते हुए पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट तलब की थी। जिसमें पुलिस जांच के दौरान परिजनों की ओर से सहयोग न मिलने का दावा कर चुकी है, लेकिन अब एकाएक ही परिजनों की ओर से शिनाख्त होने पर भी सवाल उठ रहे हैं। परिजन पुलिस जांच में आसपास की झुग्गियों के लोगों को न जानने तक की बात कह चुके हैं।