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मौसम: हिमाचल में अक्तूबर में दिसंबर जैसी ठंड, पहाड़ों में शून्य से नीचे पारा; फिर बारिश-बर्फबारी के आसार

Tue, 13 Oct 2026 09:29 AM IST
Ankesh Dogra न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Ankesh Dogra Updated Tue, 13 Oct 2026 09:29 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश में अक्तूबर में ही दिसंबर जैसी ठंड महसूस होने लगी है। लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 0.4 डिग्री तक पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में फिर बारिश और बर्फबारी के आसार हैं, जबकि पांच जिलों में अंधड़ का येलो अलर्ट जारी किया गया है। पढ़ें पूरी खबर...

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मनाली के आसपास की पहाड़ियों पर हुई ताजा बर्फबारी। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी के बाद मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। अक्तूबर में ही प्रदेश के कई इलाकों में दिसंबर जैसी ठंड महसूस होने लगी है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रात के तापमान में भारी गिरावट आने से ठिठुरन बढ़ गई है। लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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वहीं, केलांग में 0.7 और ताबो में 1.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा। किन्नौर समेत अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी ठंड का असर बढ़ने लगा है। चंबा, कुल्लू और शिमला जिलों के कई क्षेत्रों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। अक्तूबर के शुरुआती दिनों में तापमान में आई गिरावट से प्रदेश में सर्दियों की आहट तेज हो गई है।
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सोमवार को हालांकि राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई हिस्सों में धूप खिली रही, लेकिन सुबह और शाम के समय ठंड का एहसास बढ़ गया है। लोगों ने गर्म कपड़े निकालने शुरू कर दिए हैं। मौसम में आए बदलाव का असर जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है।
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कुकुमसेरी में माइनस 0.4 डिग्री पहुंचा पारा
प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। कुकुमसेरी में पारा शून्य से नीचे चला गया है। केलांग और ताबो में भी तापमान काफी कम रहा। इससे पर्वतीय इलाकों में ठंड का असर और तेज हो गया है।

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प्रमुख क्षेत्रों का न्यूनतम तापमान

क्षेत्र न्यूनतम तापमान
कुकुमसेरी -0.4 डिग्री
केलांग 0.7 डिग्री
ताबो 1.4 डिग्री
कल्पा 6.0 डिग्री
कुफरी 7.1 डिग्री
मनाली 7.4 डिग्री
सेऊबाग 9.2 डिग्री
शिमला 10.0 डिग्री

तापमान डिग्री सेल्सियस में है।

आज भी बारिश और बर्फबारी के आसार
हिमाचल प्रदेश में मंगलवार से मौसम दोबारा करवट ले सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के पूर्वानुमान के अनुसार, 13 अक्तूबर की देर शाम से मौसम संबंधी गतिविधियां तेज होने की संभावना है। प्रदेश के मध्य पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि ऊंची चोटियों पर बर्फबारी के आसार हैं।
 

चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और मंडी जिलों में मंगलवार और बुधवार के लिए अंधड़ का येलो अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पर्वतीय क्षेत्रों और ऊंचे दर्रों में बर्फबारी की संभावना है।

15 अक्तूबर को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सिरमौर और सोलन के मैदानी तथा आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 16 अक्तूबर तक प्रदेश में मौसम खराब बना रह सकता है। इसके बाद 17 और 18 अक्तूबर से मौसम साफ होने की संभावना जताई गई है।

अक्तूबर में कम, नवंबर-दिसंबर में अधिक बारिश के आसार
मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा के अनुसार, अक्तूबर में प्रदेश में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। वहीं, नवंबर और दिसंबर में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। इस अवधि में तापमान में भी गिरावट आने के आसार हैं।

मौसम में बदलाव के बीच समय से पहले हुई बर्फबारी कृषि और बागवानी के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ की परत मिट्टी में नमी बनाए रखने में मदद करती है। इससे सेब सहित अन्य फलदार पौधों और आगामी कृषि गतिविधियों को लाभ मिल सकता है।
हालांकि, बेमौसम भारी बर्फबारी और पाला कुछ फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। बारिश और बर्फबारी से जलविद्युत परियोजनाओं के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर होने और पेयजल स्रोतों के पुनर्भरण में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल प्रदेश में तापमान में गिरावट और दोबारा सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण लोगों को ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। ऐसे में खासकर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वालों को मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार सावधानी बरतने की जरूरत है।
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