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फर्जी आधार कार्ड बनाकर दिया 33 लाख की ठगी को अंजाम

Wed, 20 Mar 2019 01:02 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Wed, 20 Mar 2019 01:02 PM IST
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Farud of 33 Lakh rupee in shimla by fake aadhar card

राजधानी शिमला के एक नामी होटलियर से लाखों की ऑनलाइन ठगी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। हैकर ने होटल मालिक और उनके बेटे के नाम से डुप्लीकेट मोबाइल नंबर जारी करने के बाद ठगी की वारदात को अंजाम दिया। इस ऑनलाइन ठगी में शातिरों ने होटलियर के खाते से 33 लाख रुपये उड़ा लिए थे। हैकर ने यह दोनों नंबर सोलन के बद्दी से हासिल किए हैं।

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होटल मालिक के नाम तीन खाते हैं जबकि एक खाता उनके बेटे के नाम से है। हैकर ने इसके लिए होटल मालिक और उनके बेटे के नाम से दो फर्जी आधार कार्ड बनाए। इसके बाद हैकर ने होटल मालिक का डुप्लीकेट मोबाइल नंबर हासिल कर नेट बेकिंग के माध्यम से लाखों रुपये की ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया। शहर में ऑनलाइन ठगी का यह अब तक का पहला सबसे बड़ा मामला है।
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हैकर ने बड़ी चालाकी से इस ठगी को अंजाम दिया है। इसलिए पुलिस इसमें टेक्निकल एक्सपर्ट की मदद ले रही है। हैकर ने 12 मार्च को बद्दी स्थित बीएसएनएल सर्विस सेंटर से होटल मालिक और उनके बेटे के डुप्लीकेट नंबर जारी करवाकर ऑनलाइन ठगी की वारदात को अंजाम दिया था।
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जांच में पता चला है कि डुप्लीकेट नंबर को हासिल करने के लिए हैकर ने पहले फर्जी आधार कार्ड बनवाए। इन दोनों आधार कार्ड के जहां नंबर गलत हैं वहीं इन पर जो फोटो लगी है वह भी होटल मालिक और उनके बेटे की नहीं हैं।

मालिक के भी किए हैं फर्जी हस्ताक्षर

Farud of 33 Lakh rupee in shimla by fake aadhar card

नंबर के लिए हैकर ने जो दस्तावेज सर्विस सेंटर में दिए हैं उन पर होटल मालिक के फर्जी हस्ताक्षर हैं। दोनों दस्तावेजों पर एक ही व्यक्ति के साइन हैं। इसके बाद हैकर ने दो डुप्लीकेट नंबर हासिल करने के बाद ठगी की वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान जब हैकर ने बैंकों से पैसा निकाला तो ओटीपी उसके डुप्लीकेट नंबर पर गए जिससे वह आसानी से वारदात को अंजाम दे गया।

होटलियर को जब तक पता चला तब तक खाते से 33 लाख रुपये उड़ चुके थे। हैकर ने लाखों की यह रकम चार खातों में ट्रांसफर की है। लेकिन सवाल उठता है कि आधार कार्ड कैसे फर्जी बनाया गया, इसके अलावा अगर आधार कार्ड का नंबर गलत था तो मोबाइल का डुप्लीकेड नंबर जारी करते वक्त इसे चेक क्यों नहीं किया गया?

डीएसपी हेडक्वार्टर प्रमोद शुक्ला ने बताया कि पुलिस जांच कर रही है। जल्द ही शातिर हिरासत में होंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए टेक्निकल तौर पर जांच की जा रही है।

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