फर्जी डिग्री मामला: मानव भारती विवि में पुलिस के हाथ लगे गोरखधंधे के कई बड़े सबूत
मानव भारती विश्वविद्यालय में फर्जी डिग्री मामले की जड़ें खोद रही पुलिस के हाथ गोरखधंधे के कई सबूत लगे हैं। पुलिस को हाजिरी रजिस्टर, बगैर जांची उत्तर पुस्तिकाओं समेत साधारण कागज पर भुगतान की रसीदें मिली हैं। इनमें लाखों का लेन-देन दिखाया गया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि मानव भारती विवि में फर्जी तरीके से दाखिल छात्रों की फीस के लिए कोई रसीद तय नहीं थी।
साधारण कागज पर बिना किसी मुहर के उगाही का धंधा चल रहा था। पुलिस के हाथ लगी रसीद में 29 दिसंबर, 2016 को 35 हजार रुपये के नकद भुगतान पर हस्ताक्षर किए गए हैं। हस्ताक्षर के नीचे छोटे अक्षरों में एक लाख 25 हजार रुपये आरटीजीएस का जिक्र है। रसीद साधारण कागज पर बनी है। इसमें पैसे जमा करवाने वाले ने राजीव सर का उल्लेख किया है।
पुलिस ने ऐसी उत्तर पुस्तिकाएं भी कब्जे में ली हैं, जिनका निरीक्षण ही नहीं किया गया है। पुलिस जांच कर रही है कि जिन आवेदकों ने उत्तर पुस्तिका के माध्यम से परीक्षा दी थी, उन्हें संस्थान ने डिग्री जारी की है या नहीं। पुलिस ने मानव भारती विवि को पूरी तरह से सील कर दिया है। भारी तादाद में पुलिस बल तैनात है। किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं है।
तेजी से आगे बढ़ रही जांच : एसपी
मामले में पुलिस अब तक कई अहम सुराग जुटा चुकी है। पुलिस के हाथ लगे हाजिरी रजिस्टर में कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों के नाम हैं। इसके आधार पर पुलिस उन लोगों की भी पहचान करेगी, जो विवि कभी नहीं आए, लेकिन विवि के रिकॉर्ड में उन्हें डिग्री बांट दी गई। पुलिस ने कंप्यूटर और हार्ड डिस्क भी कब्जे में लिए हैं।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने कहा कि पुलिस जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। जांच कितने दिन में खत्म होगी, यह कह पाना आसान नहीं है। मानव भारती विश्वविद्यालय में पुलिस को बहुत से प्रमाण हाथ लगे हैं। यह सभी कागजों की शक्ल में हैं। ऐसे में जांच में थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन पुलिस जल्द ही पूरे मामले का सिलसिलेवार खुलासा करेगी।