जिस पेड पर होशियार उल्टा लटका था वहां पहुंची सीबीआई की टीम
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वन रक्षक होशियार सिंह मौत मामले को सुलझाने करसोग पहुंची सीबीआई की टीम सोमवार करीब सुबह 9 बजे कतांडा पहुंची। जिस पेड़ पर फोरेस्ट गार्ड होशियार सिंह का शव उल्टा लटका था, पुलिस ने उस पेड़ का मुआयना किया।
फोरेस्ट गार्ड की मौत की जांच से जुड़े कई अफसर सीबीआई के जांच के दायरे में है। हालांकि अभी तक किसी भी अधिकारी या कर्मचारी से पुलिस ने पूछताछ नहीं की है। सोमवार को करीब दस से पंद्रह जांच अधिकारियों व अन्य की टीम ने केस से जुड़े अहम घटनाक्रम को जांचने के लिए कतांडा पहुंच कर छानबीन शुरु कर दी है।
घटना स्थल पर जाकर टीम ने वन रक्षक मौत प्रकरण को समझने की कोशिश की। सीबीआई की टीम ने उस पेड़ का मुआइना किया जिस पर वन रक्षक का शव उलटा लटका हुआ था। टीम ने अभी तक इस बारे में किसी का भी बयान नहीं लिया है।
वहीं लोगों को इस बात की भारी खुशी है कि टीम अब इस मामले को सुलझाने का पूरा प्रयास करेगी। कई माह पहले हुई इस घटना से अब तक भी पर्दा नहीं उठ पाया है। इसे लेकर अभी तक यह संशय बना हुआ है कि वन रक्षक आखिर पेड़ से उलटा क्यों लटका था।
सोमवार को सीबीआई की टीम कतांडा के गलजूब के जंगल में तथ्य जुटाती रही। सीबीआई की टीम अभी दो दिन और करसोग में रुकेगी। सोमवार को टीम के रहने का प्रबंध ब्लॉक समिति के रेस्ट हाउस में किया गया था।
तिरंगे को मेजपोश बनाने पर दो नेताओं को तीन साल कैद
हिमाचल में राष्ट्रीय ध्वज के अपमान पर दो लोगों को तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई गई है। कारावास के साथ 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी देना होगा। मामले में तीन अभियुक्तों को दोषी पाया गया। इनमें से एक की मौत हो चुकी है।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नाहन डॉ. आबीरा बासु की अदालत ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता रहे दो लोगों को यह सजा सुनाई। सहायक जिला न्यायवादी गीतांजलि ने बताया कि मामला 2014 का है। आम आदमी पार्टी के सदस्यता अभियान में पार्टी कार्यकर्ता फार्म भरवाने का कार्य कर रहे थे।
इस दौरान पार्टी के तीन कार्यकर्ताओं ने तिरंगे का मेजपोश बना दिया। साथ ही तिरंगे को साइन बोर्ड बनाकर इस्तेमाल किया गया। इस मामले में अदालत ने कालाअंब निवासी विश्वनाथ शर्मा और वाल्मीकि बस्ती निवासी सोहनलाल को तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई है। इस मामले में तीसरे दोषी दीपक का निधन हो गया था।