छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में बड़ा खुलासा, प्राइवेट संस्थानों ने ऐसे खुलवाए हजारों बैंक खाते
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ढाई सौ करोड़ से ज्यादा के बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले की सीबीआई ने अब परत दर परत खोलना शुरू कर दिया है। शुरुआती जांच और दस्तावेजों की छानबीन के बाद यह बात सामने आ रही है कि निजी संस्थानों ने अपने परिसर या नजदीकी बैंक शाखाओं में ही विद्यार्थियों के बैंक खाते खुलवाने के लिए दबाव बनाया था।
सूत्रों की मानें तो जांच में यह बात पता चली है कि कुछ छात्र जिनके पहले से किसी दूसरी बैंक में खाते थे और वह उन्हीं खातों में सब्सिडी चाहते थे, लेकिन शैक्षणिक संस्थानों ने जानबूझ कर अपनी इच्छा वाली बैंक शाखाओं में खाते खुलवाए। सूत्रों का कहना है कि ऐसा हो सकता है कि संस्थान की उस शाखा के कर्मियों के साथ सांठगांठ हो।
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बैंकों में एक ही नंबर का कई खातों में इस्तेमाल किया गया
इसी वजह से बैंकों में एक ही नंबर का कई खातों में इस्तेमाल किया गया तो कर्मियों ने कोई सवाल नहीं उठाया। हालांकि, जांच एजेंसी इस बात की तसदीक कर रही है कि बैंक कर्मियों की इसमें क्या भूमिका रही है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि इस महीने के अंत से शैक्षणिक संस्थानों के अधिकारियों कर्मचारियों से भी पूछताछ हो सकती है। यही वजह है कि जांच अधिकारी संस्थानों से सीज किए गए दस्तावेजों की स्क्रूटनी करने में दिन-रात एक किए हुए हैं।