विदेश में नौकरी का झांसा देकर ठगे 1.25 लाख रुपये, पढ़ें पूरा मामला
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विदेश भेजने और मर्चेंट नेवी में नौकरी का झांसा देकर ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार थाना बागा के अंतर्गत दर्ज मामले में पंकज कुमार पुत्र श्याम लाल निवासी कंधर ने पुलिस को बताया कि सिद्धार्थ निवासी दिल्ली ने उसे फोन पर विदेश भेजने और वहां मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलवाने का झांसा दिया था।
उसके विश्वास पर पीड़ित ने 1.25 लाख रुपये उसके खाते में जमा कर दिए। पंकज कुमार ने बताया कि नौकरी की एवज में सिद्धार्थ ने उसके खाते में पैसे जमा करने के लिए कहा था। पंकज ने तीन किश्तों में यह रकम सिद्धार्थ के खाते में जमा करवा दी। जब तक पैसों के लेनदेन की बात चल रही थी, सिद्धार्थ दिल्ली से पीड़ित को फोन करता रहा। लेकिन जैसे ही पंकज कुमार ने आखिरी किश्त सिद्धार्थ के खाते में जमा की तो उसका मोबाइल बंद हो गया।
इसके बाद कोई संपर्क न होने पर पंकज कुमार ने सिद्धार्थ के खिलाफ बागा थाने में मामला दर्ज करवा दिया। पुलिस ने शिकायत पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। डीएसपी पूर्ण चंद ठुकराल ने मामला दर्ज होने की पुष्टि कर बताया कि भादंसं की धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। जल्द ही आरोपी को पकड़ कर मामले से जुड़े सभी साक्ष्य खंगाले जाएंगे।
550 डॉलर मासिक का झांसा कर बनाया ठगी का शिकार
बागा में ठगी का शिकार युवक पंकज ने बताया कि सिद्धार्थ से उसका संपर्क फेसबुक से हुआ था। आरोपी ने बताया कि उसकी कंपनी 25 हजार रुपये में दुबई या सिंगापुर में एक शिपिंग कंपनी में तीन साल के लिए मर्चेंट नेवी में भेजेगी।
उसने इसे दिल्ली अपने कार्यालय में साक्षात्कार के लिए बुलाया और साक्षात्कार पास होने पर उसे बताया कि उसे 550 डॉलर प्रतिमाह वेतन मिलेगा। विदेश भेजने का पूरा खर्चा एक लाख 25 हजार रुपये बताया गया। इसमें से 65 हजार रुपये वीजा और टिकट से पहले अदा करने को कहा गया।
सिद्धार्थ ने इसे बैंक के दो अलग-अलग खाता नंबर दिए जिन पर उसने अपने बैंक खाते से 25 हजार रुपये सिद्धार्थ के बताए बैंक खाता में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद सिद्धार्थ ने पीड़ित को 40 हजार रुपये अपने दूसरे खाते में जमा करवाने को कहा।
इसके बाद 30 हजार रुपये की मांग की। इस पर उसने उसने डॉक्यूमेंट क्लीयर होने के बाद बाकी राशि देने की बात कही। आरोपी ने दबाव बनाया और 30 हजार रुपये भी बैंक खाते में जमा करवा लिए।