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नप कथित भ्रष्टाचार वीडियो वायरल मामले में सफाई ठेकेदार गिरफ्तार
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पांवटा साहिब(सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश विजिलेंस विभाग ने पांवटा नगर परिषद के पूर्व सफाई ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है। सफाई ठेकेदार ने एक कथित भ्रष्टाचार के एक वायरल वीडियो मामले में अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दर्ज की थी। बुधवार को जमानत याचिका
खारिज ही गई, जिसके बाद ठेकेदार को गिरफ्तार किया गया है। विजिलेंस की टीम को पिछले कई दिनों से भ्रष्टाचार के वायरल वीडियो मामले में ठेकेदार की तलाश थी।
विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार तकरीबन दो वर्ष पूर्व पांवटा साहिब में नगर परिषद में सफाई ठेकेदार से कथित रिश्वत लेने की वीडियो सामने आई थी। इसके बाद कांग्रेसी पार्षदों ने डीएसपी पांवटा साहिब को एक लिखित शिकायत पर सौंप दी थी जिसमें मांग रखी थी कि नगर पालिका में सफाई ठेकेदार से पैसे लेने वाले पदाधिकारियों के खिलाफ रिश्वतखोरी का मामला दर्ज किया जाए।
पांवटा नगर परिषद के तत्कालीन पार्षदों धनवीर कपूर, भावना चानना और इंदरप्रीत कौर ने एक लिखित शिकायत में कहा था कि वीडियो में स्पष्ट नजर आ रहा है कि नगर परिषद का पदाधिकारी पैसे मांग रहा है।
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पुलिस से इसमें तुरंत कार्रवाई कर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला विजिलेंस को भेजा दिया था। विजिलेंस ने मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। विजिलेंस ने वीडियो में दिखाई दे रहे नगर परिषद पदाधिकारी के बयान दर्ज कर लिए थे लेकिन वीडियो बनाने वाला ठेकेदार विजिलेंस से सहयोग नहीं कर रहा था। ठेकेदार ने नाहन की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। बुधवार को अदालत से उक्त ठेकेदार की जमानत याचिका खारिज हो गई। विजिलेंस ने पूर्व सफाई ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है। अब, वीरवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
उधर, विजिलेंस अधिकारी ने पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद ठेकेदार को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। वीरवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
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खारिज ही गई, जिसके बाद ठेकेदार को गिरफ्तार किया गया है। विजिलेंस की टीम को पिछले कई दिनों से भ्रष्टाचार के वायरल वीडियो मामले में ठेकेदार की तलाश थी।
विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार तकरीबन दो वर्ष पूर्व पांवटा साहिब में नगर परिषद में सफाई ठेकेदार से कथित रिश्वत लेने की वीडियो सामने आई थी। इसके बाद कांग्रेसी पार्षदों ने डीएसपी पांवटा साहिब को एक लिखित शिकायत पर सौंप दी थी जिसमें मांग रखी थी कि नगर पालिका में सफाई ठेकेदार से पैसे लेने वाले पदाधिकारियों के खिलाफ रिश्वतखोरी का मामला दर्ज किया जाए।
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पांवटा नगर परिषद के तत्कालीन पार्षदों धनवीर कपूर, भावना चानना और इंदरप्रीत कौर ने एक लिखित शिकायत में कहा था कि वीडियो में स्पष्ट नजर आ रहा है कि नगर परिषद का पदाधिकारी पैसे मांग रहा है।
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पुलिस से इसमें तुरंत कार्रवाई कर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला विजिलेंस को भेजा दिया था। विजिलेंस ने मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। विजिलेंस ने वीडियो में दिखाई दे रहे नगर परिषद पदाधिकारी के बयान दर्ज कर लिए थे लेकिन वीडियो बनाने वाला ठेकेदार विजिलेंस से सहयोग नहीं कर रहा था। ठेकेदार ने नाहन की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। बुधवार को अदालत से उक्त ठेकेदार की जमानत याचिका खारिज हो गई। विजिलेंस ने पूर्व सफाई ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है। अब, वीरवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
उधर, विजिलेंस अधिकारी ने पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद ठेकेदार को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। वीरवार को अदालत में पेश किया जाएगा।