पहली बार 1987 में देवधर ट्रॉफी खेलने ऊना आए थे लिटल मास्टर
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वर्ष 1987 में ऊना जिले के इंदिरा गांधी मैदान में सचिन तेंदुलकर देवधर ट्रॉफी खेलने आए थे। उस समय क्रिकेट का यह सितारा अपने शुरुआती दौर में था। तब शायद किसी ने सोचा भी नहीं था कि एक दिन इंदिरा गांधी ग्राउंड में मात्र दस रन बना कर आउट होने वाला यह बल्लेबाज क्रिकेट के भगवान की संज्ञा हासिल कर लेगा।
शुरुआती दिनों में सचिन ऊना में देवधर ट्रॉफी खेलने के लिए आए तो उस समय वह एक साधारण खिलाड़ी थे, लेकिन तीन दशक बाद जब वह ऊना आए हैं तो सैकड़ों रिकॉर्ड और भारत रत्न जैसा प्रतिष्ठित खिताब साथ लेकर आए। सचिन ल्यूमिनस कंपनी के ब्रांड अंबेसडर भी हैं।
इसी कंपनी के बुलावे पर गगरेट के बणे दी हट्टी में एक सरकारी स्कूल की स्मार्ट क्लासेस का शुभारंभ करने आए थे। गगरेट क्षेत्र से भारी सुरक्षा के बीच निकलते हुए क्रिकेट के भगवान सचिन ने अपने फैंस को भी निराश नहीं किया। गगरेट से निकलते समय सचिन ने गाड़ी में से अपने चाहने वालों का हाथ हिला कर अभिवादन स्वीकार किया।
क्षेत्र के लोगों विकास विक्की, संजीव पाराशर, उदय शर्मा, धैर्य, प्रणव शर्मा, तुषार, अपूर्व, संजय शर्मा, अर्चित सोढ़ी, अरविंद, अर्शित के अनुसार क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन का गगरेट आगमन प्रदेश एवं क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक दिन है।