किसानों के हक में बड़ा फैसला, रेलवे को देना पड़ेगा पैसा
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नंगल-ऊना-तलवाड़ा रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की एवज में किसानों को पूरा मुआवजा न देने पर अदालत ने एक बार फिर रेलवे को फटकार लगाई है।
ऊना के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मुकेश बंसल की अदालत में सोमवार को अंब निवासी मदन लाल और मेला राम के भूमि मुआवजा संबंधी मामलों की सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि रेलवे अदालत के आदेशों से बढ़कर नहीं है। कोर्ट ने आदेश दिए कि इन दोनों किसानों को मिलने वाले मुआवजे की राशि ब्याज सहित 10 जून, 2015 तक जमा नहीं करवाई गई, तो रेलवे की संपत्ति को जब्त किया जाएगा।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे आदेश
इसी मामले में अदालत ने पहले ऊना आने वाली जनशताब्दी ट्रेन को जब्त करने के आदेश जारी किए थे। उसके बाद यात्रियों को होने वाली असुविधा के मद्देनजर अदालत ने चुरुडू स्थित रेलवे स्टेशन की संपत्ति का ब्यौरा तलब किया था।
मुआवजे के एक अन्य मामले में अदालत के आदेश पर ऊना रेलवे स्टेशन पर ताले तक जड़ दिए गए थे। इन आदेशों के बाद रेलवे की ओर से मुआवजा राशि तो जमा करवा दी गई, लेकिन उसमें ब्याज की रकम नहीं जोड़ी गई।
किसानों की ओर से मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता अरुण कुमार सैणी ने बताया कि अदालत के आदेशों के मुताबिक आगामी 10 जून को रेलवे की ओर से मदन लाल को 4 लाख 78 हजार 256 रुपये और मेला राम को 1 लाख 65 हजार बतौर ब्याज सहित जमा करवाने होंगे। अदालत ने चुरुडू स्थित रेलवे स्टेशन की संपत्ति का ब्यौरा तलब किया है। आदेशों की अवमानना की सूरत में इसे जब्त किया जाएगा।