फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Cost of first phase of Shimla-Mattour Fourlane increased, revised DPR sent

शिमला-मटौर फोरलेन के प्रथम चरण की लागत 400 करोड़ बढ़ी, संशोधित डीपीआर भेजी

Tue, 08 Dec 2020 05:00 AM IST
Krishan Singh प्रवीण कुमार, अमर उजाला, हमीरपुर
प्रवीण कुमार, अमर उजाला, हमीरपुर Published by: Krishan Singh Updated Tue, 08 Dec 2020 05:00 AM IST
विज्ञापन
Cost of first phase of Shimla-Mattour Fourlane increased, revised DPR sent
फोरलेन(सांकेतिक ) - फोटो : अमर उजाला

बहुप्रतिक्षित फोरलेन शिमला-मटौर प्रोजेक्ट पर देरी की मार पड़ी है। इस फोरलेन निर्माण की प्रथम चरण की लागत बढ़ गई है। पूर्व में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने मटौर से ज्वालामुखी तक 40 किलोमीटर फोरलेन का अनुमानित खर्च 1000 करोड़ रुपये बताया था, जो अब 1400 करोड़ पहुंच गया है। एनएचएआई ने अब मंत्रालय को बढ़ी हुई लागत की संशोधित डीपीआर भेज दी है। 

विज्ञापन


 वर्ष 2016 में हमीरपुर दौरे के दौरान तत्कालीन केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस फोरलेन की घोषणा की थी जबकि वर्ष 2017 में अधिसूचना जारी हुई। मटौर से शिमला तक फोरलेन के लिए पांच अलग-अलग पैकेज में इस प्रोजेक्ट को बांटा गया। सबसे पहले मटौर से ज्वालामुखी तक पांचवें पैकेज के लिए भूमि अधिग्रहण व डीपीआर बनाने का कार्य शुरू हुआ था। 35 फीसदी भूमि अधिग्रहण का कार्य भी अभी शेष है। एनएचएआई ने पहले 15 दिसंबर तक टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का दावा किया था, लेकिन निर्माण कार्य की लागत बढ़ने से अब मंत्रालय से स्वीकृति के लिए फाइल भेजी गई है। प्राधिकरण का दावा है कि जनवरी तक पांचवें पैकेज का टेंडर हो जाएगा। 
विज्ञापन


500 भवनों पर चलेगा बुलडोजर
मटौर से ज्वालामुखी तक फोरलेन निर्माण के चलते इसकी जद में 500 भवन आ रहे हैं। भूमि अधिग्रहण और फोरलेन सर्वे में इन भवनों की गिनती हुई है। इसके अलावा सैकड़ों पेड़ों पर भी कुल्हाड़ी चलेगी। लेकिन अधिकतर पेड़ वन भूमि के अंतर्गत हैं, जिसके चलते फोरेस्ट क्लीयरेंस की फाइल बनाई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन



मटौर से ज्वालामुखी तक फोरलेन के लिए 65 फीसदी से अधिक भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। 15 दिसंबर तक टेंडर का लक्ष्य रखा था, लेकिन लागत बढ़ने के कारण संशोधित डीपीआर अब मंत्रालय को भेजी गई है। मंत्रालय से स्वीकृति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
- योगेश राउत, परियोजना निदेशक, एनएचएआई हमीरपुर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed