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HP High Court: पेंशन से जुड़े मामले में जवाब दायर नहीं करने पर एचआरटीसी को 15 हजार रुपये की कॉस्ट

Fri, 21 Apr 2023 07:13 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 21 Apr 2023 07:13 PM IST
सार

 न्यायाधीश संदीप शर्मा ने हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) पर 15 हजार रुपये की कॉस्ट लगाई है। अदालत ने एचआरटीसी को याचिका का जवाब दायर करने के लिए तीन हफ्ते का अंतिम मौका दिया है।

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cost of 15 thousand to hrtc for not filing reply in pension related case
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की एवज में पांच वर्ष का सेवा लाभ नहीं दिए जाने के मामले में जवाब दायर न करने पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायाधीश संदीप शर्मा ने हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) पर 15 हजार रुपये की कॉस्ट लगाई है। अदालत ने एचआरटीसी को याचिका का जवाब दायर करने के लिए तीन हफ्ते का अंतिम मौका दिया है। मामले की सुनवाई 24 मई को निर्धारित की गई है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि एचआरटीसी ने एक साल बीत जाने के बाद भी अपना जवाब दायर नहीं किया है।

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याचिकाकर्ता संत राम की ओर से दायर याचिका की प्रारंभिक सुनवाई करते हुए अदालत ने 5 जनवरी 2022 को जवाब दायर करने के आदेश पारित किए थे। याचिका में आरोप लगाया गया है कि उसे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की एवज में पांच वर्ष की सेवा का लाभ नहीं दिया जा रहा है। दलील दी गई है कि हाईकोर्ट ने पहले ही स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की एवज में पांच वर्ष की सेवा लाभ देने का निर्णय सुनाया था। ब्रिज लाल की ओर से दायर याचिका को स्वीकार करते हुए अदालत ने 2 जुलाई 2015 को निर्णय सुनाया था।
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अदालत को बताया गया कि हाईकोर्ट के इस निर्णय को एचआरटीसी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के निर्णय को बरकरार रखते हुए एचआरटीसी की अपील को खारिज कर दिया था। अब ब्रिज लाल के मामले में सुनाए गए निर्णय का लाभ पाने के लिए एचआरटीसी कर्मियों ने कई याचिकाएं दायर की हैं। बता दें कि हाईकोर्ट ने निर्णय सुनाया था कि स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले कर्मचारियों की पांच साल की सेवा को नियम 29 और केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 के 48-बी के अनुसार पेंशन और सेवानिवृत्त लाभों के प्रयोजन के लिए गिना जाए।

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