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Shimla News: वन कटान और सफाई मामलों की सुनवाई करेगा अब निगम
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खास खबर...
हाईकोर्ट ने एमसी विधि अधिकारी को दी शक्तियां
लंबित मामलों की सुनवाई के लिए निगम ने शुरू की प्रक्रिया
पिछले साल अक्तूबर से लंबित हैं चालान, पेड़ कटान के मामले
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में सफाई व्यवस्था और पेड़ कटान से जुड़े मामलों पर अब नगर निगम सुनवाई कर सकेगा। प्रदेश हाईकोर्ट ने नगर निगम विधि अधिकारी को एक साल के लिए विशेष जज की शक्तियां जारी कर दी हैं। हाईकोर्ट से इसके आदेश मिलने के बाद नगर निगम ने भी सुनवाई के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है।
निगम की ओर से अब संबंधित लोगों को समन भेजे जा रहे हैं। मार्च से विधि अधिकारी विकास धौल्टा की अदालत में इन मामलों पर सुनवाई शुरू हो जाएगी। नगर निगम के अनुसार विशेष जज की यह शक्तियां पिछले साल अक्तूबर में खत्म हो गई थीं। इसके चलते पिछले करीब साढ़े तीन महीने से नगर निगम के पास दर्जनों मामले सुनवाई के लिए लंबित पड़े हैं। हाल ही में इस बारे में हाईकोर्ट से नगर निगम को दिशा निर्देश जारी हो गए हैं। शहर में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर निगम के सेनेटरी इंस्पेक्टर निगरानी रखते हैं। खुले में कचरा फेंकने, कूड़ा जलाने, गंदगी फैलाने वाले लोगों के हर माह चालान भी काटे जाते हैं। कुछ लोग इनका भुगतान कर देते हैं लेकिन कई ऐसे भी हैं जो चालान का भुगतान नहीं करते। इन मामलों की विधि अधिकारी की विशेष अदालत में सुनवाई चलती है। निगम अब किसी मोहल्ले में होने वाली गंदगी पर कम्युनिटी चालान भी काटता है। इसकी सुनवाई भी इसी अदालत में होती है। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि हाईकोर्ट से विधि अधिकारी को शक्तियां जारी हो गई हैं। जल्द ही अब सफाई और पेड़ कटान से जुड़े मामलों की सुनवाई शुरू होगी।
पेड़ कटान पर भी निगम करता है सुनवाई
शहर में पेड़ कटान से जुड़े सभी मामलों की नगर निगम अदालत में सुनवाई होती है। वन विभाग डीआर काटने के बाद इस मामले को निगम की अदालत में रखता है। यहां इस मामले पर आगामी सुनवाई होती है। यदि कोई व्यक्ति घर बनाने के लिए हरा पेड़ काटने का दोषी पाया जाता है तो उसके भवन का नक्शा भी रद्द किया जा सकता है। नगर निगम ने संयुक्त आयुक्त की विशेष शक्तियां जारी करने के लिए भी सरकार को प्रस्ताव भेजा है।
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हाईकोर्ट ने एमसी विधि अधिकारी को दी शक्तियां
लंबित मामलों की सुनवाई के लिए निगम ने शुरू की प्रक्रिया
पिछले साल अक्तूबर से लंबित हैं चालान, पेड़ कटान के मामले
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में सफाई व्यवस्था और पेड़ कटान से जुड़े मामलों पर अब नगर निगम सुनवाई कर सकेगा। प्रदेश हाईकोर्ट ने नगर निगम विधि अधिकारी को एक साल के लिए विशेष जज की शक्तियां जारी कर दी हैं। हाईकोर्ट से इसके आदेश मिलने के बाद नगर निगम ने भी सुनवाई के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है।
निगम की ओर से अब संबंधित लोगों को समन भेजे जा रहे हैं। मार्च से विधि अधिकारी विकास धौल्टा की अदालत में इन मामलों पर सुनवाई शुरू हो जाएगी। नगर निगम के अनुसार विशेष जज की यह शक्तियां पिछले साल अक्तूबर में खत्म हो गई थीं। इसके चलते पिछले करीब साढ़े तीन महीने से नगर निगम के पास दर्जनों मामले सुनवाई के लिए लंबित पड़े हैं। हाल ही में इस बारे में हाईकोर्ट से नगर निगम को दिशा निर्देश जारी हो गए हैं। शहर में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर निगम के सेनेटरी इंस्पेक्टर निगरानी रखते हैं। खुले में कचरा फेंकने, कूड़ा जलाने, गंदगी फैलाने वाले लोगों के हर माह चालान भी काटे जाते हैं। कुछ लोग इनका भुगतान कर देते हैं लेकिन कई ऐसे भी हैं जो चालान का भुगतान नहीं करते। इन मामलों की विधि अधिकारी की विशेष अदालत में सुनवाई चलती है। निगम अब किसी मोहल्ले में होने वाली गंदगी पर कम्युनिटी चालान भी काटता है। इसकी सुनवाई भी इसी अदालत में होती है। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि हाईकोर्ट से विधि अधिकारी को शक्तियां जारी हो गई हैं। जल्द ही अब सफाई और पेड़ कटान से जुड़े मामलों की सुनवाई शुरू होगी।
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पेड़ कटान पर भी निगम करता है सुनवाई
शहर में पेड़ कटान से जुड़े सभी मामलों की नगर निगम अदालत में सुनवाई होती है। वन विभाग डीआर काटने के बाद इस मामले को निगम की अदालत में रखता है। यहां इस मामले पर आगामी सुनवाई होती है। यदि कोई व्यक्ति घर बनाने के लिए हरा पेड़ काटने का दोषी पाया जाता है तो उसके भवन का नक्शा भी रद्द किया जा सकता है। नगर निगम ने संयुक्त आयुक्त की विशेष शक्तियां जारी करने के लिए भी सरकार को प्रस्ताव भेजा है।
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