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कोविड टीकाकरण: भारत में स्पूतनिक-वी टीका लगाने के लिए सीडीएल ने दी मान्यता
Tue, 06 Jul 2021 02:13 AM IST
Krishan Singh
आदित्य सोफत, अमर उजाला, सोलन
आदित्य सोफत, अमर उजाला, सोलन
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 06 Jul 2021 02:13 AM IST
सार
हैदराबाद की डॉ. रेड्डी लेबोरेटरी में तैयार हो रही वैक्सीन के बैच जांच के बाद सीडीएल कसौली ने बीते दिनों जारी कर दिए हैं।
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स्पूतनिक-वी(फाइल)
- फोटो : Agency
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विस्तार
देशभर में कोवैक्सीन, कोविशील्ड के बाद स्पूतनिक-वी का टीका लगाने से राहत की उम्मीद जगी है। भारत में रूसी कोविड वैक्सीन स्पूतनिक-वी के इस्तेमाल को सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआई) कसौली की सेंट्रल ड्रग्स लैबोरेट्री (सीडीएल) ने मान्यता दे दी है। इसके बाद भारत में वैक्सीन की पहली डोज लगनी शुरू हो गई है। दूसरे बैच के भी सीडीएल में जांच के लिए पहुंचे हैं।
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हैदराबाद की डॉ. रेड्डी लेबोरेटरी में तैयार हो रही वैक्सीन के बैच जांच के बाद सीडीएल कसौली ने बीते दिनों जारी कर दिए हैं। पहले चरण में सीडीएल कसौली ने रूसी कोविड वैक्सीन स्पूतनिक-वी की तीन लाख डोज और दूसरी 50 हजार डोज संबंधित कंपनी को उपलब्ध करवाई हैं। अब दूसरी डोज के और बैच जांच के लिए सीडीएल कसौली पहुंचे हैं। इन्हें सीडीएल सप्ताह में जांच कर रिलीज करेगा। यह जानकारी सीडीएल कसौली ने अपनी वेबसाइट में भी अपलोड कर दी है।
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देश में वैक्सीनेशन पॉलिसी को रफ्तार देने के लिए लगातार सीडीएल कसौली में दिन-रात कार्य चल रहा है। इसी को लेकर भारत में बनने और आयात होने वाली वैक्सीन को इस्तेमाल से पहले ग्रीन टीका लेना होता है। यह सीडीएल कसौली से जांच के बाद मिलता है। यह लैब विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से प्रमाणित देश की इकलौती वैक्सीन टेस्टिंग लैब है। कोविशील्ड व कोवैक्सीन के इस्तेमाल को भी यहीं से प्रमाणित किया गया है। इसके लिए पहले एफिकेसी टेस्ट होता है। इसमें देखा जाता है कि वैक्सीन कितनी प्रभावी है और बाद में सेफ्टी टेस्ट किया जाता है।